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ईरान: हिजाब का विरोध करना पड़ा भारी, कोर्ट ने सुनाई 24 साल की सजा
Thu, 29 Aug 2019 09:06 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, तेहरान
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 29 Aug 2019 09:06 AM IST
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हिजाब का विरोध
- फोटो : सोशल मीडिया
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ईरान की अदालत ने हिजाब की बाध्यता खत्म करने के लिए अभियान चलाने वाली लड़की को 24 साल की सजा सुनाई है। बुर्के के खिलाफ 'व्हाइट वेडनसडे' कैंपेन चलाने वाली 20 साल की युवती अफसरी को तेहरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने की दुनिया भर में निंदा की जा रही है।
सजा सुनाते हुए जज ने कहा कि महिलाओं का हिजाब उतरवाकर आपने देश में भष्टाचार और वेश्यावृत्ति को बढ़ावा दिया है। इसलिए 24 में से 15 साल की सजा आपको इन दो अपराधों के लिए दी जा रही है।
अफसरी और उनकी मां राहीला अहमदी ईरान में चलाए जा रहे व्हाइट वेडनसडे कैंपेन के प्रमुख हैं। अफसरी को इससे पहले अगस्त 2018 में तेहरान में गिरफ्तार किया गया था, तब उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई थी लेकिन वैश्विक दबाव में उन्हें फरवरी में रिहा कर दिया गया था।
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क्या है 'व्हाइट वेडनसडे' कैंपेन
ईरान में सोशल मीडिया पर हिजाब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है जिसमें महिलाओं को बिना हिजाब पहने तस्वीर शेयर किए जाने की अपील की जा रही है। इसे महिला सशक्तिकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। कैंपेन के पहले दो हफ्ते में 200 वीडियो पोस्ट हुए और 5 लाख लोगों ने इन्हें देखा।
जिसके बाद हरकत में आई तेहरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने आदेश दिया कि ऐसा करने वाली महिलाओं को 1 से 10 साल तक की सजा दी जाएगी। तब से सैकड़ों महिलाओं को जेल भेजा जा चुका है। इसी हफ्ते 12 महिलाओं को सजा हुई है।
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सजा सुनाते हुए जज ने कहा कि महिलाओं का हिजाब उतरवाकर आपने देश में भष्टाचार और वेश्यावृत्ति को बढ़ावा दिया है। इसलिए 24 में से 15 साल की सजा आपको इन दो अपराधों के लिए दी जा रही है।
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अफसरी और उनकी मां राहीला अहमदी ईरान में चलाए जा रहे व्हाइट वेडनसडे कैंपेन के प्रमुख हैं। अफसरी को इससे पहले अगस्त 2018 में तेहरान में गिरफ्तार किया गया था, तब उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई थी लेकिन वैश्विक दबाव में उन्हें फरवरी में रिहा कर दिया गया था।
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क्या है 'व्हाइट वेडनसडे' कैंपेन
ईरान में सोशल मीडिया पर हिजाब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है जिसमें महिलाओं को बिना हिजाब पहने तस्वीर शेयर किए जाने की अपील की जा रही है। इसे महिला सशक्तिकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। कैंपेन के पहले दो हफ्ते में 200 वीडियो पोस्ट हुए और 5 लाख लोगों ने इन्हें देखा।
जिसके बाद हरकत में आई तेहरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने आदेश दिया कि ऐसा करने वाली महिलाओं को 1 से 10 साल तक की सजा दी जाएगी। तब से सैकड़ों महिलाओं को जेल भेजा जा चुका है। इसी हफ्ते 12 महिलाओं को सजा हुई है।