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ईरान-अमेरिका तनाव: बातचीत को लेकर नरम पड़े अराघची, बोले- युद्ध की आशंका से इनकार नहीं; हर हालात के लिए तैयार
Sat, 31 Oct 2026 11:03 PM IST
शिवम गर्ग
एएनआई, तेहरान
एएनआई, तेहरान
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sat, 31 Oct 2026 11:03 PM IST
सार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जेडी वेंस के पत्र को बातचीत की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है, लेकिन युद्ध की आशंका भी जताई है। होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिकी प्रतिबंधों पर क्या दोनों देश सहमत हो पाएंगे? क्या दोहा में बातचीत से तनाव कम होगा? आइए, जानते हैं...
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पश्चिम एशिया में शांति की नई कोशिश
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच शांति वार्ता को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से भेजे गए पत्र को सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि बातचीत और आपसी समझ का रास्ता खोलने की अमेरिकी कोशिश का स्वागत किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि ईरान युद्ध की संभावना से इनकार नहीं करता और हर तरह के हालात का सामना करने के लिए तैयार है।
अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि अमेरिका की ओर से बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश सकारात्मक है। लेकिन अगर वाशिंगटन का मकसद इस पत्र के जरिए मतभेद पैदा करना है, तो यह उसकी पिछली गलतियों में एक और गलती होगी।
फिर शुरू हो सकती है बातचीत
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई को पत्र भेजा था। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करना और अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य हमलों को रोकना बताया गया है।
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इस घटनाक्रम के बाद कूटनीतिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रत्यक्ष बातचीत में कुछ प्रगति के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कतर की राजधानी दोहा में ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत करने की संभावना है।
'युद्ध की संभावना से इनकार नहीं, हमारी सेना पूरी तरह तैयार'
बातचीत की संभावनाओं के बीच ईरान ने सैन्य मोर्चे पर भी सख्त रुख बनाए रखा है। अराघची ने कहा कि उनका देश युद्ध की किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा "हमने अपने हथियारों को उन्नत किया है, कमजोरियों को दूर किया है और नए हथियारों का परीक्षण किया है। हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं।" ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने भी चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का जवाब बेहद ताकत से दिया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कतर ने दिया प्रस्ताव
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी अहम बना हुआ है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। अराघची के मुताबिक, कतर ने ईरान के प्रस्ताव को लागू करने की अवधि पांच दिन से घटाकर दो दिन करने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अब दो दिन की समयसीमा वाला प्रस्ताव तैयार किया गया है।
ईरान ने बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए अमेरिका के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इनमें शामिल हैं:
ईरान के सर्वोच्च नेता ने सेना को दिए सख्त निर्देश
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी सेना को किसी भी खतरे का तुरंत और प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया है। मोजतबा खामेनेई के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि हर तरह के खतरे का तत्काल, प्रभावी और बिना किसी भौगोलिक सीमा के जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन दोबारा सैन्य या आतंकवादी हमले शुरू करते हैं, तो उन्हें रोकने का समय और परिस्थितियां ईरान की सेना और जनता तय करेगी।
ट्रंप बोले- ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की जल्दबाजी नहीं
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन को ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को सामान्य युद्ध से अलग बताया और दावा किया कि समय अमेरिका के पक्ष में है।
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अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि अमेरिका की ओर से बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश सकारात्मक है। लेकिन अगर वाशिंगटन का मकसद इस पत्र के जरिए मतभेद पैदा करना है, तो यह उसकी पिछली गलतियों में एक और गलती होगी।
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फिर शुरू हो सकती है बातचीत
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई को पत्र भेजा था। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करना और अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य हमलों को रोकना बताया गया है।
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इस घटनाक्रम के बाद कूटनीतिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रत्यक्ष बातचीत में कुछ प्रगति के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कतर की राजधानी दोहा में ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत करने की संभावना है।
'युद्ध की संभावना से इनकार नहीं, हमारी सेना पूरी तरह तैयार'
बातचीत की संभावनाओं के बीच ईरान ने सैन्य मोर्चे पर भी सख्त रुख बनाए रखा है। अराघची ने कहा कि उनका देश युद्ध की किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा "हमने अपने हथियारों को उन्नत किया है, कमजोरियों को दूर किया है और नए हथियारों का परीक्षण किया है। हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं।" ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने भी चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का जवाब बेहद ताकत से दिया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कतर ने दिया प्रस्ताव
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी अहम बना हुआ है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। अराघची के मुताबिक, कतर ने ईरान के प्रस्ताव को लागू करने की अवधि पांच दिन से घटाकर दो दिन करने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अब दो दिन की समयसीमा वाला प्रस्ताव तैयार किया गया है।
ईरान ने बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए अमेरिका के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इनमें शामिल हैं:
- इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना।
- क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी कम करना।
- ईरान को तेल निर्यात में पहले मिली छूट बहाल करना।
- कतर समेत अन्य जगहों पर जमा ईरान की सभी फ्रीज संपत्तियों को जारी करना।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने सेना को दिए सख्त निर्देश
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी सेना को किसी भी खतरे का तुरंत और प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया है। मोजतबा खामेनेई के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि हर तरह के खतरे का तत्काल, प्रभावी और बिना किसी भौगोलिक सीमा के जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन दोबारा सैन्य या आतंकवादी हमले शुरू करते हैं, तो उन्हें रोकने का समय और परिस्थितियां ईरान की सेना और जनता तय करेगी।
ट्रंप बोले- ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की जल्दबाजी नहीं
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वाशिंगटन को ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को सामान्य युद्ध से अलग बताया और दावा किया कि समय अमेरिका के पक्ष में है।