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होर्मुज पर और सख्त हुआ ईरान: जहाजों को रास्ता देने के लिए बना रहा नया नियम, मित्र देशों पर आ सकती है आंच

Sat, 18 Apr 2026 01:28 PM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Riya Dubey Updated Sat, 18 Apr 2026 01:28 PM IST
सार

ईरान ने होर्मुज पर पारंपरिक शुल्क नहीं लगाने, लेकिन सुरक्षा शुल्क लागू करने की योजना जताई है। जहाजों की आवाजाही ईरान की अनुमति और तय मार्गों के तहत होगी, जबकि अमेरिकी और इस्राइली सैन्य जहाजों पर रोक की बात कही गई है। 

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Iran tightens its stance on the Strait of Hormuz: New rules are being made to allow ships to pass
होर्मुज जलडमरूमध्य - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने बड़ा संकेत दिया है। ईरान ने कहा है कि वह पारंपरिक ट्रांजिट शुल्क नहीं लगाएगा, लेकिन जलडमरूमध्य की सुरक्षा से जुड़े नए शुल्क ढांचे पर काम चल रहा है, जिसके तहत जहाजों की आवाजाही सख्त नियंत्रण में होगी।

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ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने अल जजीरा से बातचीत में बताया कि तेहरान ऐसा कानून तैयार कर रहा है, जिसमें शुल्क सुरक्षा समन्वय से जुड़े होंगे, न कि सामान्य पारगमन शुल्क। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा।

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किन देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी?

रेजाई ने साफ किया कि शत्रुतापूर्ण सैन्य जहाजों, खासकर अमेरिका और इस्राइल से जुड़े पोतों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं मित्र देशों के जहाजों को पूर्व समन्वय के बाद ही प्रवेश मिलेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान इस जलमार्ग की सुरक्षा में अमेरिका की किसी भी भूमिका को पूरी तरह खारिज करता है।

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कुछ व्यावसायिक जहाजों को शुल्क देकर गुजरने की अनुमति मिल सकती है

इस बीच, ईरान की समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, अधिकारी महमूद नबावियन ने संकेत दिया कि कुछ व्यावसायिक जहाजों को शुल्क देकर गुजरने की अनुमति मिल सकती है। उन्होंने जलडमरूमध्य के संभावित रूप से खुलने को लेबनान में संघर्ष विराम से जोड़कर देखा, हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इन दोनों मुद्दों के बीच किसी संबंध से इनकार किया है।


ईरान को होर्मुज पर सख्त नियंत्रण रहेगा

ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज से गुजरने वाली समुद्री गतिविधियों पर उसका सख्त नियंत्रण रहेगा और जहाजों को केवल निर्धारित मार्गों और उसकी अनुमति के तहत ही गुजरने दिया जाएगा। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि जलडमरूमध्य खुला रहेगा या बंद, और इसके नियम क्या होंगे, यह जमीनी हालात तय करेंगे, न कि सोशल मीडिया।

ट्रंप का दावा

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एरिजोना में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ईरान के साथ कोई भी समझौता तभी प्रभावी होगा, जब वह पूरी तरह अंतिम रूप ले लेगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज व्यवसाय के लिए पूरी तरह खुला बताया है, लेकिन अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक समझौता पूरी तरह हस्ताक्षरित नहीं हो जाता।

ईरान ने क्या स्पष्ट किया?

वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी स्पष्ट किया कि जलडमरूमध्य से शिपिंग केवल ईरान द्वारा तय मार्गों के जरिए ही संभव होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहती है, तो तेहरान भी जवाबी कदम उठाएगा।

ईरान ने खुद को होर्मुज जलडमरूमध्य का संरक्षक बताते हुए कहा है कि वह जरूरत पड़ने पर लचीलापन दिखाएगा, लेकिन नियंत्रण पूरी तरह उसके हाथ में रहेगा। मौजूदा हालात में यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।


 

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