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ईरान: सर्वोच्च नेता अली खामनेई के संभावित उत्तराधिकारी रईसी पर 30 हजार राजनीतिक हत्याओं का है आरोप
Sun, 20 Jun 2021 06:24 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, तेहरान
एजेंसी, तेहरान
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 20 Jun 2021 06:24 AM IST
सार
- चुनाव अभियान के दौरान रईसी ने ईरान के पहले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खोमैनी व मौजूदा नेता खामनेई समेत 1979 की क्रांति के नेताओं व पिछले साल इराक में अमेरिकी हमले में मारे गए मेजर जनरल कासिम सुलेमानी के साथ अपनी तस्वीरों वाले पोस्टोरों का खूब इस्तेमाल किया।
- इब्राहिम रईसी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई का उत्तराधिकारी भी माना जा रहा है।
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इब्राहिम रईसी (फाइल फोटो)
- फोटो : instagram.com/raisi_org
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश से राष्ट्रपति बने सैयद इब्राहिम रईसुल सदाती यानी इब्राहिम रईसी को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई का उत्तराधिकारी भी माना जा रहा है। रईसी की शिक्षा का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। वे मोताहहारी विश्वविद्यालय से प्राइवेट लॉ में डॉक्टरेट होने का दावा करते हैं, लेकिन इस पर भी विवाद है। 14 दिसंबर 1960 को जन्मे रईसी ने पांच साल की उम्र में ही पिता को खो दिया था। रईसी काली पगड़ी पहनते हैं, जो उनके पैगंबर मोहम्मद के वंशज होने का प्रतीक है।
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समर्थकों में क्रांति से जोड़ी अपनी पहचान
चुनाव अभियान के दौरान रईसी ने ईरान के पहले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खोमैनी व मौजूदा नेता खामनेई समेत 1979 की क्रांति के नेताओं व पिछले साल इराक में अमेरिकी हमले में मारे गए मेजर जनरल कासिम सुलेमानी के साथ अपनी तस्वीरों वाले पोस्टोरों का खूब इस्तेमाल किया। उन्हें कट्टरपंथी मतदाताओं का समर्थन मिला। वे देश की आर्थिक बदहाली के लिए भ्रष्टाचार को वजह बताते रहे हैं।
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खुद को अयातुल्ला बताया, विवाद हुआ तो पदवी हटाई
निजी वेबसाइट पर वे खुद को अयातुल्ला (शिर्ष शिया धर्मगुरु) बताते थे, लेकिन मीडिया में अपनी धार्मिक शिक्षा को लकेर सवाल उठने पर उन्होंने अयातुल्ला लिखना बंद कर दिया। बाद में वे अपने लिए अयातुल्ला से कम दर्ज की पदवी होजात-उल-इस्लाम का इस्तेमाल करने लगे।
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1988 में राजनीतिक हत्याएं और न्यायिक पद
1981 में रईसी लोकअभियोजक नियुक्त हुए। 1988 में ईरान में 30 हजार राजनीतिक कैदियों की हत्याओं के लिए जिम्मेदार बताए गए चार लोगों में उनका भी नाम था। मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, रईसी के आदेश पर क्रूरता से राजनीतिक असंतोष को दबाया गया। असंतुष्टों को अमानवीय यातनाएं देने के बाद सामूहिक रूप से फांसी पर लटका दिया जाता था। 2004 में वे उप मुख्य न्यायधीश बने। 2014 में उन्हें अटॉर्नी जनरल बनाया गया। मार्च 2019 से वे ईरान के चीफ जस्टिस थे।
इस्राइल बोला, रईसी कट्टरपंथी, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बढ़ाएंगे
इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियोर ने कहा कि रईसी अब तक के सबसे कट्टरपंथी राष्ट्रपति हैं और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाएंगे।