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West Asia Crisis: होर्मुज पर ईरान की सख्त चेतावनी, कहा- नियम तोड़ने वाले जहाजों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई
Fri, 03 Jul 2026 04:08 AM IST
अमन तिवारी
एएनआई, तेहरान
एएनआई, तेहरान
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 03 Jul 2026 04:08 AM IST
सार
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को केवल निर्धारित समुद्री मार्ग अपनाने की चेतावनी दी है। अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच इस कदम से वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
ईरान के सैन्य कमान ने गुरुवार को तेल टैंकरों को सख्त चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसके बताए रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा। अगर कोई जहाज इन नियमों को नहीं मानता है, तो उसे कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। होर्मुज का यह रास्ता पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई के लिए बहुत जरूरी है।
तनाव की वजह
ईरान की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के राजनयिक कतर में बातचीत कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी सेना ने बहरीन में एक बैठक की थी। इस बैठक में व्यापार के मुक्त प्रवाह की बात कही गई थी, जिससे ईरान नाराज हो गया। ईरान इस समय अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी भी कर रहा है। ईरान ने साफ कहा है कि उसके नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। साथ ही, उसने अमेरिकी सेना के हस्तक्षेप पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है।
रास्ते और फीस पर विवाद
ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी समझौता हुआ था। इसके तहत 60 दिनों तक जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब तेहरान चाहता है कि जहाजों के रास्तों पर उसका नियंत्रण हो और वह बाद में इसके लिए फीस भी वसूले। अमेरिका और कई खाड़ी देश ईरान की इस मांग का विरोध कर रहे हैं। ओमान और संयुक्त राष्ट्र ने ओमान के तट के पास एक नया रास्ता शुरू करने की कोशिश की थी, जिसके बाद पिछले हफ्ते कई हमले हुए।
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ये भी पढ़ें: Ayatollah Khamenei Funeral: आज ईरान रवाना होंगे मंत्री मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल हसनैन, MEA ने की पुष्टि
जहाजों की आवाजाही पर असर
तनाव के बावजूद इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। पिछले हफ्ते कम से कम 258 जहाज यहां से गुजरे, जबकि उससे पिछले हफ्ते यह संख्या 138 थी। हालांकि, यह संख्या युद्ध से पहले के मुकाबले काफी कम है। पहले यहां से हर दिन करीब 130 जहाज गुजरते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति अभी स्थिर नहीं है क्योंकि जहाजों को हर घंटे सुरक्षा के हिसाब से रास्ता चुनना पड़ रहा है।
ईरान ने हाल ही में दावा किया कि एक विदेशी जहाज उसके निर्देशों को न मानने के कारण फंस गया है। हालांकि, जांच में पता चला कि वह जहाज पुराना है और महीनों से वहीं खड़ा है। इन सबके बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कतर में हुई बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। उम्मीद है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अगले दौर की बातचीत जल्द शुरू होगी।
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तनाव की वजह
ईरान की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के राजनयिक कतर में बातचीत कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी सेना ने बहरीन में एक बैठक की थी। इस बैठक में व्यापार के मुक्त प्रवाह की बात कही गई थी, जिससे ईरान नाराज हो गया। ईरान इस समय अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी भी कर रहा है। ईरान ने साफ कहा है कि उसके नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। साथ ही, उसने अमेरिकी सेना के हस्तक्षेप पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है।
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रास्ते और फीस पर विवाद
ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी समझौता हुआ था। इसके तहत 60 दिनों तक जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब तेहरान चाहता है कि जहाजों के रास्तों पर उसका नियंत्रण हो और वह बाद में इसके लिए फीस भी वसूले। अमेरिका और कई खाड़ी देश ईरान की इस मांग का विरोध कर रहे हैं। ओमान और संयुक्त राष्ट्र ने ओमान के तट के पास एक नया रास्ता शुरू करने की कोशिश की थी, जिसके बाद पिछले हफ्ते कई हमले हुए।
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जहाजों की आवाजाही पर असर
तनाव के बावजूद इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही बढ़ी है। पिछले हफ्ते कम से कम 258 जहाज यहां से गुजरे, जबकि उससे पिछले हफ्ते यह संख्या 138 थी। हालांकि, यह संख्या युद्ध से पहले के मुकाबले काफी कम है। पहले यहां से हर दिन करीब 130 जहाज गुजरते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति अभी स्थिर नहीं है क्योंकि जहाजों को हर घंटे सुरक्षा के हिसाब से रास्ता चुनना पड़ रहा है।
ईरान ने हाल ही में दावा किया कि एक विदेशी जहाज उसके निर्देशों को न मानने के कारण फंस गया है। हालांकि, जांच में पता चला कि वह जहाज पुराना है और महीनों से वहीं खड़ा है। इन सबके बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कतर में हुई बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। उम्मीद है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अगले दौर की बातचीत जल्द शुरू होगी।