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हमारे जल क्षेत्र में घुसने पर अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया: ईरान
Thu, 20 Jun 2019 06:37 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 20 Jun 2019 06:37 PM IST
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ईरान के सशस्त्र बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने हर्मुज जलसंधि के पास अपने हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी जासूसी विमान को मार गिराया है। सामरिक महत्व के इस समुद्री मार्ग में तनाव बढ़ाने वाली यह ताजा घटना है।
फिलहाल, अमेरिका ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका निर्मित ग्लोबल हॉक निगरानी ड्रोन विमान को एक मिसाइल से निशाना बनाया गया। उस पर यह हमला उस वक्त किया गया जब वह होरमोजगन प्रांत के जल क्षेत्र के ऊपर था।
ईरानी सेना ने ड्रोन की तस्वीरें अभी प्रकाशित नहीं की है।
उल्लेखनीय है कि इस जल क्षेत्र में करीब हफ्ते भर पहले दो टैंकरों पर हमला हुआ था और अमेरिका ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। हालांकि, ईरान ने इसमें अपनी किसी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
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ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिका ने ही यह हमला (जहाजों पर) कराया होगा ताकि इसके बहाने इस्लामी गणराज्य (ईरान) के खिलाफ बल प्रयोग किया जा सके।
तसनीम समाचार एजेंसी ने रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख हुसैन सलामी के हवाले से बताया कि ड्रोन विमान को गिराना ईरान की सीमाओं की हिफाजत करने वालों की ओर से एक स्पष्ट संदेश है।
सलामी ने कहा, "हम यह घोषणा करते हैं कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन हम युद्ध की किसी भी घोषणा का जवाब देने के लिए तैयार हैं।"
गौरतलब है कि 2015 के ऐतिहासिक परमाणु करार से पिछले साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हटने की घोषणा के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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फिलहाल, अमेरिका ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका निर्मित ग्लोबल हॉक निगरानी ड्रोन विमान को एक मिसाइल से निशाना बनाया गया। उस पर यह हमला उस वक्त किया गया जब वह होरमोजगन प्रांत के जल क्षेत्र के ऊपर था।
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ईरानी सेना ने ड्रोन की तस्वीरें अभी प्रकाशित नहीं की है।
उल्लेखनीय है कि इस जल क्षेत्र में करीब हफ्ते भर पहले दो टैंकरों पर हमला हुआ था और अमेरिका ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। हालांकि, ईरान ने इसमें अपनी किसी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
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ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिका ने ही यह हमला (जहाजों पर) कराया होगा ताकि इसके बहाने इस्लामी गणराज्य (ईरान) के खिलाफ बल प्रयोग किया जा सके।
तसनीम समाचार एजेंसी ने रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख हुसैन सलामी के हवाले से बताया कि ड्रोन विमान को गिराना ईरान की सीमाओं की हिफाजत करने वालों की ओर से एक स्पष्ट संदेश है।
सलामी ने कहा, "हम यह घोषणा करते हैं कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन हम युद्ध की किसी भी घोषणा का जवाब देने के लिए तैयार हैं।"
गौरतलब है कि 2015 के ऐतिहासिक परमाणु करार से पिछले साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हटने की घोषणा के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।