फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Iran Satellite Zafar Fails to Reach in Orbit, america objected on launching

ईरानी सैटेलाइट 'जफर' कक्षा में स्थापित होने में रहा असफल, अमेरिका ने लॉन्चिंग पर जताई थी आपत्ति

Mon, 10 Feb 2020 01:14 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 10 Feb 2020 01:14 AM IST
विज्ञापन
Iran Satellite Zafar Fails to Reach in Orbit, america objected on launching
ईरान के राष्ट्रपति

ईरानी सैटेलाइट "जफर" कक्षा में  स्थापित होने में असफल हो गया है। वहीं, अमेरिका ने ईरान के इस कार्यक्रम पर चिंता जताते हुए कहा है कि सैटेलाइट लॉन्च करने की तकनीक का प्रयोग परमाणु हथियारों को बनाने में किया जा सकता है। इससे अमेरिका को भी खतरा पैदा हो सकता है। 

विज्ञापन


बतादें कि यह चौथी बार है जब ईरान सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित करने में विफल हो गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि हमने इसे सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया लेकिन किसी कारणवश यह कक्षा में स्थापित होने में असफल हो गया।
विज्ञापन

 

इससे पहले ईरान के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्री मोहम्मद जवाद अजरी-जहरोमी ने कहा था कि 'जफर' सैटेलाइट को आज 7,400 किलोमीटर की गति से सेमनान से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। गौरतलब है कि ईरान ने पिछले साल दो सैटेलाइट परीक्षण किए थे, जो असफल रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


संयुक्त राज्य अमेरिका का कहना है कि यह चिंताजनक है कि सैटेलाइटों को कक्षा में रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लंबी दूरी की बैलिस्टिक तकनीक का इस्तेमाल परमाणु युद्धक हथियारों को लॉन्च करने के लिए भी किया जा सकता है। वहीं, तेहरान इस बात से इंकार करते हुए कहा है कि वह अपने सैटेलाइट प्रोग्राम का प्रयोग मिसाइल बनाने में करेगा। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा कभी भी परमाणु हथियारों के विकास करने की कोशिश नहीं की गई है। 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए बनाए गए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते से वाशिंगटन को साल 2018 में अलग कर लिया था। इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंधों को फिर से लागू किया। ट्रंप ने कहा कि परमाणु समझौते के अंदर इस बात का उल्लेख नहीं है कि वह तेहरान के मिसाइल कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा सके। 

परमाणु मुद्दे पर चल रहे विवाद के बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव उस वक्त अपने चरम पर पहुंच गया, जब अमेरिका ने ड्रोन हमला कर ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को बगदाद में मार गिराया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इराक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला मिसाइल हमले किए। 


ईरानी मंत्री अजरी-जहरोमी ने कहा कि एक बार सैटेलाइट के कक्षा में स्थापित होने के बाद, पहली तस्वीर के रूप में सुलेमानी की तस्वीर प्रसारित की जाएगी। ईरान ने 2009 में अपना पहला सैटेलाइट ओमिड (होप) और जून 2011 में रासाद (ऑब्जर्वेशन) सैटेलाइट कक्षा में भेजा था। तेहरान ने 2012 में कहा था कि उसने अपने तीसरे घरेलू-निर्मित सैटेलाइट नाविद (प्रोमिस) को सफलतापूर्वक कक्षा में भेज दिया है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed