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Iran-Israel War: ओमान के तेल टैंकर पर ईरान का हमला, चपेट में आए 15 भारतीय; दुबई से हाइफा तक हमलों की दहशत

Sun, 01 Mar 2026 04:28 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मस्कट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मस्कट Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Sun, 01 Mar 2026 04:28 PM IST
सार

Iran Retaliation: अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में असर दिखा रही है। ओमान के समुद्र में ऑयल टैंकर पर हमला हुआ। टैंकर में 20 चालक सदस्यों में से 15 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। आइए जानते हैं दुबई समेत हाइफा और सऊदी में कितना असर पड़ा।

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Iran retaliation Gulf attacks Oman oil tanker Dubai airport shutdown Haifa port security Saudi explosions
ईरान की जवाबी कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब कई देशों तक फैलता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है और खाड़ी क्षेत्र के अहम समुद्री, हवाई और आर्थिक ठिकाने निशाने पर आ गए हैं। ओमान के समुद्री इलाके से लेकर दुबई, इस्राइल के हाइफा बंदरगाह और सऊदी अरब की राजधानी रियाद तक धमाकों और हमलों की खबरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर चुनौती दे दी है।

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ओमान के समुद्र में हुआ हमला
ओमान के मसंदम तट से करीब पांच नॉटिकल मील दूर एक ऑयल टैंकर पर हमला किया गया। ओमान के मैरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर के मुताबिक स्कायलाइट नाम के जहाज को निशाना बनाया गया, जिसमें चार लोग घायल हुए। जहाज पर मौजूद 20 सदस्यीय क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया। ओमानी नौसेना और सेना ने राहत अभियान चलाया। यह हमला 
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिस तेल टैंकर पर हमला हुआ है, उसमें मौजूद सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें 15 भारतीय नागरिक और 5 ईरानी नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार बचाव अभियान तुरंत चलाया गया और सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
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गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के प्रमुख ने की कड़ी निंदा
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के प्रमुख जासेम अल-बुदैवी ने ओमान के दुक्म बंदरगाह पर ईरान के हमले और ओमान तट के पास एक तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे गंभीर उल्लंघन और खतरनाक सैन्य बढ़ोतरी बताया, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अस्वीकार्य उकसावे हैं, जो खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता को कमजोर करती हैं। साथ ही सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की गई।

दुबई एयरस्पेस और बुनियादी ढांचे पर कितना असर पड़ा?
ईरानी जवाबी हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात में हालात अचानक बदल गए। दुबई और अबू धाबी से आने-जाने वाली एक हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो दुनिया का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा माना जाता है, अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। रात के हमलों में कुछ ढांचागत नुकसान की भी रिपोर्ट सामने आई। यूएई नेतृत्व ने ईरान की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के हमलों से क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ेगी।

ये भी पढ़ें- इस्राइल ने ईरान के दिल पर किया हमला: तेहरान में दिखा तबाही का मंजर; आसमान में दिखा धुएं का गुबार; हमले जारी


हाइफा पोर्ट और इस्राइल की सप्लाई लाइन पर क्या असर पड़ा?
इस्राइल के हाइफा पोर्ट प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार बंदरगाह की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और परिवहन मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। हाइफा पोर्ट इस्राइल की अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन का अहम केंद्र है, इसलिए किसी भी खतरे को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

रियाद और खाड़ी क्षेत्र में कैसे बढ़ा तनाव?

  • सऊदी अरब की राजधानी रियाद के पूर्वी हिस्से में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई।
  • स्थानीय लोगों ने आसमान में धुआं उठते देखा।
  • क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होने की खबरें सामने आईं।
  • खाड़ी देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ाया गया।
  • कई देशों ने हवाई और सैन्य निगरानी तेज कर दी।


क्या ईरान अंतरराष्ट्रीय दबाव में आ गया है?
यूएई राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने कहा कि खाड़ी देशों पर हमले करके ईरान खुद को अलग-थलग कर रहा है। उनके अनुसार यह संघर्ष पड़ोसी देशों के खिलाफ नहीं होना चाहिए था। लगातार हमलों के कारण समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर तनाव जल्द नहीं रुका तो पश्चिम एशिया में बड़ा भू-राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है।

ईरान-अमेरिका-इस्राइल युद्ध से जुड़े पहले दिन का अपडेट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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