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Iran War: ईरान को कैसे मिली अमेरिका की घातक मिसाइलें-बम?, रिवर्स इंजीनियरिंग से मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी
Mon, 27 Apr 2026 03:20 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 27 Apr 2026 03:20 AM IST
सार
ईरान ने दावा किया है कि उन्होंने अपने इलाकों से अमेरिका की कई मिसाइलें और हजारों छोटे बम बरामद किए हैं। इनमें एक शक्तिशाली बंकर बस्टर बम भी शामिल है। ईरान की सेना अब इन हथियारों की तकनीक समझने (रिवर्स इंजीनियरिंग) में जुटी है, ताकि वह अपनी सैन्य शक्ति को और मजबूत कर सके।
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बंकर बस्टर बम।
- फोटो : एक्स/@RealAirPower1
विस्तार
ईरान की सेना ने अमेरिका की कई ऐसी मिसाइलें और बम बरामद किए हैं, जिनमें विस्फोट नहीं हुआ था। ईरान अब इन हथियारों की रिवर्स इंजीनियरिंग कर इनकी तकनीक समझने की कोशिश कर रहा है। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के ने दावा किया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को देश के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान में अमेरिका की कुछ ऐसी मिसाइलें और हजारों छोटे बम मिले हैं, जिनमें विस्फोट नहीं हुआ था।
वहीं बंदर अब्बास में तैनात इमाम सज्जाद कॉर्प्स ने दावा किया कि उन्होंने 15 से ज्यादा भारी अमेरिकी मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया है। सेना ने इन हथियारों को अपनी तकनीकी और रिसर्च यूनिट्स के पास भेज दिया है। वहां वैज्ञानिक इन मिसाइलों की बनावट और तकनीक की बारीकी से जांच करेंगे।
ये भी पढ़ें: West Asia LIVE: ईरान के विदेश मंत्री वापस इस्लामाबाद लौटे; ट्रंप-मैक्रों और स्टार्मर ने होर्मुज पर की चर्चा
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इसके साथ ही, जंजन प्रांत में तैनात आईआरजीसी की अंसार अल-महदी कॉर्प्स ने भी बड़ी कार्रवाई की है। उनकी बम निरोधक टीमों ने पूरे इलाके से 9,500 से ज्यादा छोटे बम (बमलेट्स) बरामद किए हैं। दावे के मुताबिक, सेना ने एक 'जीबीयू-57 बंकर बस्टर' बम को भी सफलतापूर्वक सुरक्षित बरामद किया है। इस शक्तिशाली बम को अब जरूरी जांच के लिए अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इस्रायल के साथ चल रहे तनाव के बीच ईरान को यह बड़ा मौका मिला है। उसे अमेरिका की आधुनिक सैन्य तकनीक को करीब से देखने और समझने में मदद मिल रही है। इससे आने वाले समय में ईरान की सैन्य ताकत और ज्यादा बढ़ सकती है।
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वहीं बंदर अब्बास में तैनात इमाम सज्जाद कॉर्प्स ने दावा किया कि उन्होंने 15 से ज्यादा भारी अमेरिकी मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया है। सेना ने इन हथियारों को अपनी तकनीकी और रिसर्च यूनिट्स के पास भेज दिया है। वहां वैज्ञानिक इन मिसाइलों की बनावट और तकनीक की बारीकी से जांच करेंगे।
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इसके साथ ही, जंजन प्रांत में तैनात आईआरजीसी की अंसार अल-महदी कॉर्प्स ने भी बड़ी कार्रवाई की है। उनकी बम निरोधक टीमों ने पूरे इलाके से 9,500 से ज्यादा छोटे बम (बमलेट्स) बरामद किए हैं। दावे के मुताबिक, सेना ने एक 'जीबीयू-57 बंकर बस्टर' बम को भी सफलतापूर्वक सुरक्षित बरामद किया है। इस शक्तिशाली बम को अब जरूरी जांच के लिए अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इस्रायल के साथ चल रहे तनाव के बीच ईरान को यह बड़ा मौका मिला है। उसे अमेरिका की आधुनिक सैन्य तकनीक को करीब से देखने और समझने में मदद मिल रही है। इससे आने वाले समय में ईरान की सैन्य ताकत और ज्यादा बढ़ सकती है।
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