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Iran Israel Row: इस्राइल-ईरान के बीच बढ़ते संकट को देख हरकत में अमेरिका, समाधान के लिए इन देशों से बातचीत की

Mon, 15 Apr 2024 08:51 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 15 Apr 2024 08:51 AM IST
सार

इस्राइल-ईरान संकट के बीच कूटनीतिक तेजी तब आई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जी-7 नेताओं के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल की। उन्होंने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अलग-अलग टेलीफोन पर बातचीत की।

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Israel Hamas War Updates Hamas Proposes New Ceasefire America Abstained From Vote News in Hindi
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन - फोटो : एएनआई

विस्तार

दुनिया के कई देश युद्ध में घिरे हुए हैं। जहां रूस-यूक्रेन जंग को दो साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है, वहीं हमास और इस्राइल बीते छह महीने से लड़ाई लड़ रहे हैं। अब ईरान ने इस्राइल पर हमला कर दिया, जिससे दो कट्टर दुश्मन देशों के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के संकेतों के बीच अमेरिका कई देशों से बात कर रहा है। 

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अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रविवार को जॉर्डन, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। वहीं, रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अपने सऊदी और इस्राइली समकक्षों के साथ बात की।
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यह है हमले की वजह
गौरतलब है, इस महीने की शुरुआत में इस्राइल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरान के राजनयिक परिसर में एक इमारत पर हमला किया, जिसमें ईरान के सात वरिष्ठ कमांडरों और सैन्य कर्मियों की मौत हो गई थी। उसी समय ईरान ने जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई थी। लगभग दो सप्ताह बाद उसने बीते शनिवार को इस्राइल पर हवाई हमला कर दिया, जिसमें सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें शामिल थीं। इन हमलों का लक्ष्य इस्राइल के भीतरी और नियंत्रण वाले क्षेत्र को निशाना बनाना था। हालांकि, लगभग सभी ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को इस्राइली और अमेरिकी बलों ने मार गिराया था। 
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ब्लिंकन ने तुर्किये, मिस्र, जॉर्डन और सऊदी विदेश मंत्रियों से बात की
इस्राइल-ईरान संकट के बीच कूटनीतिक तेजी तब आई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जी-7 नेताओं के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल की। उन्होंने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अलग-अलग टेलीफोन पर बातचीत की। इसके तुरंत बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रविवार को जॉर्डन, सऊदी अरब, तुकिये और मिस्र के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। इसके अलावा रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अपने सऊदी और इस्राइली समकक्षों से बात की।

फोन पर बातचीत के दौरान अमेरिका ने इस्राइल की सुरक्षा के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

ब्लिंकन ने जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अयमान सफादी, मिस्र के विदेश मंत्री समेह शौकरी और तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान से बातचीत की। इस दौरान सभी ने गाजा में संकट को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयासों के महत्व की पुष्टि की। इस बारे में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बताया। 

गाजा को मानवीय सहायता बढ़ाने पर चर्चा
ब्लिंकन ने क्षेत्र में बढ़ रहे संकट को रोकने के लिए तुर्किये द्वारा बातचीत करने पर फिदान को धन्यवाद दिया और शौकरी के साथ गाजा को मानवीय सहायता बढ़ाने और फलस्तीनी नागरिकों की रक्षा करने के साथ-साथ तत्काल युद्धविराम के लिए चल रहे प्रयासों के महत्व पर चर्चा की। 

मिलर ने बताया, 'ब्लिंकन ने फलस्तीनी नागरिकों को जीवन रक्षक मानवीय सहायता प्रदान करने में जॉर्डन के नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया।' वहीं, अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल-सऊद के साथ ब्लिंकन ने बातचीत। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका तनाव बढ़ाना नहीं चाहता है, लेकिन वह इस्राइल को खुद का बचाव करने में मदद करना जारी रखेगा। 


जी-7 देशों ने ईरान की एक सुर में की निंदा
दुनिया के सात बड़े विकसित लोकतांत्रिक देशों के संगठन जी-7 ने इस्राइल पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले की निंदा और इस्राइल को पूर्ण सहयोग की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की पहल पर रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जी-7 के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई। संयुक्त बयान में ईरान की निंदा की गई। बयान में कहा गया है, ईरान के इस कदम से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने और स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने के हालात पैदा हो सकते हैं। समूह ने यह भी कहा कि ऐसा होने से रोकने के लिए संगठन जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है। जी-7 में अमेरिका के अलावा इटली, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा शामिल हैं।

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