{"_id":"69bc2768d3b3b376cf017536","slug":"iran-finished-or-still-a-threat-rhetorical-clash-between-trump-and-us-administration-raise-questions-about-war-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईरान खत्म या अब भी खतरा बरकरार?: ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन में बयानबाजी से टकराव, युद्ध को लेकर भी उठे कई सवाल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ईरान खत्म या अब भी खतरा बरकरार?: ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन में बयानबाजी से टकराव, युद्ध को लेकर भी उठे कई सवाल
Thu, 19 Mar 2026 10:12 PM IST
Himanshu Singh Chandel
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:12 PM IST
सार
ईरान को लेकर अमेरिका के भीतर ही विरोधाभास सामने आ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां दावा कर रहे हैं कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म हो चुका है, वहीं उनके ही प्रशासन के अधिकारी इसे अब भी संभावित खतरा बता रहे हैं। तुलसी गबार्ड ने कहा कि ईरान ने कार्यक्रम दोबारा शुरू नहीं किया। इससे युद्ध के कारण, तत्काल खतरे की परिभाषा और इस्राइल की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन
अमेरिका-ईरान युद्ध
- फोटो : Amar Ujala Graphics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के भीतर ही ईरान को लेकर विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। एक ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, वहीं उनके ही प्रशासन के कुछ अधिकारी इसे संभावित खतरा बता रहे हैं। इस विरोधाभास ने युद्ध के असली कारणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी में हुई सुनवाई के दौरान अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कई अहम सवालों से बचते हुए बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने की कोई कोशिश नहीं की है। यह बयान ट्रंप के उस दावे से अलग है, जिसमें वे ईरान से तुरंत खतरा बता रहे हैं।
ये भी पढ़ें- क्या ईरान के हमले से टूट गई कतर की कमर?: देश का 17 प्रतिशत LNG उत्पादन ठप, मरम्मत में लगेंगे तीन से पांच साल
विज्ञापन
क्या खत्म हुआ ईरान का परमाणु कार्यक्रम?
अमेरिका ने पिछले साल ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद ट्रंप ने कई बार कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म हो गया है। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि अगर कार्यक्रम खत्म हो गया था, तो फिर ईरान से खतरा क्यों बताया जा रहा है।
क्या सच में था तत्काल खतरा?
अमेरिकी अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर भी और मतभेद दिखे। एक तरफ ट्रंप प्रशासन ईरान को बड़ा खतरा बता रहा है, वहीं कुछ खुफिया अधिकारी यह मानते हैं कि ईरान से कोई तत्काल खतरा नहीं था। तुलसी गबार्ड ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि इमिनेंट थ्रेट की परिभाषा क्या है और इसे कौन तय करता है।
क्या इस्राइल के दबाव में हुआ युद्ध?
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि यह युद्ध इस्राइल के दबाव में शुरू हुआ। एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने इस्तीफे में कहा कि ईरान से कोई सीधा खतरा नहीं था और यह संघर्ष राजनीतिक कारणों से शुरू हुआ। इससे अमेरिका और इस्राइल के रिश्तों और रणनीति पर भी सवाल उठे हैं। ट्रंप ने हाल ही में कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ईरान जवाबी हमला करेगा। जबकि रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमेरिकी एजेंसियों को पहले से इसकी आशंका थी। यहां तक कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की संभावना पर भी लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी में हुई सुनवाई के दौरान अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने कई अहम सवालों से बचते हुए बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने की कोई कोशिश नहीं की है। यह बयान ट्रंप के उस दावे से अलग है, जिसमें वे ईरान से तुरंत खतरा बता रहे हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- क्या ईरान के हमले से टूट गई कतर की कमर?: देश का 17 प्रतिशत LNG उत्पादन ठप, मरम्मत में लगेंगे तीन से पांच साल
विज्ञापन
क्या खत्म हुआ ईरान का परमाणु कार्यक्रम?
अमेरिका ने पिछले साल ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद ट्रंप ने कई बार कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म हो गया है। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि अगर कार्यक्रम खत्म हो गया था, तो फिर ईरान से खतरा क्यों बताया जा रहा है।
क्या सच में था तत्काल खतरा?
अमेरिकी अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर भी और मतभेद दिखे। एक तरफ ट्रंप प्रशासन ईरान को बड़ा खतरा बता रहा है, वहीं कुछ खुफिया अधिकारी यह मानते हैं कि ईरान से कोई तत्काल खतरा नहीं था। तुलसी गबार्ड ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि इमिनेंट थ्रेट की परिभाषा क्या है और इसे कौन तय करता है।
क्या इस्राइल के दबाव में हुआ युद्ध?
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि यह युद्ध इस्राइल के दबाव में शुरू हुआ। एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने इस्तीफे में कहा कि ईरान से कोई सीधा खतरा नहीं था और यह संघर्ष राजनीतिक कारणों से शुरू हुआ। इससे अमेरिका और इस्राइल के रिश्तों और रणनीति पर भी सवाल उठे हैं। ट्रंप ने हाल ही में कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ईरान जवाबी हमला करेगा। जबकि रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमेरिकी एजेंसियों को पहले से इसकी आशंका थी। यहां तक कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की संभावना पर भी लंबे समय से तैयारी की जा रही थी।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन