होर्मुज क्षेत्र में तनाव: 12 दिन बाद भी स्वदेश नहीं पहुंचे भारतीय कप्तान, पत्नी ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार
पश्चिम एशिया में 15 दिन से जारी संघर्ष के बीच भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट में फंसा है। 34 सदस्यीय क्रू के साथ जहाज में 36 लाख LPG सिलेंडर हैं। जहाज के कप्तान वीरेंद्र विश्वकर्मा ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच भावुक संदेश भेजकर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात की शुरुआत के साथ ही ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज स्ट्रेट के पास कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिसका शिकार भारतीय जहाज भी हुआ था। इस जहाज में 34 सदस्यीय चालक दल है और यह 36 लाख घरेलू गैस सिलेंडर (एलपीजी) लेकर आ रहा था।
इस जहाज के कप्तान वीरेंद्र विश्वकर्मा और उनके क्रू मेंबर मदद के लिए लगातार भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं। बता दें कि यह जहाज कुवैत के मीना अल अहमदी बंदरगाह से गुजरात के दीनदयाल कांडला बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था। लेकिन 28 फरवरी से इस समुद्री मार्ग पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण जहाज आगे नहीं बढ़ सका। फिलहाल यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पास मीना साकर बंदरगाह क्षेत्र में लंगर डाले खड़ा है और आगे बढ़ने की बारी का इंतजार कर रहा है।
जहाज के कप्तान की पत्नी ने सरकार से मांग की
जहाज के कप्तान वीरेंद्र विश्वकर्मा की पत्नी निल्पा विश्वकर्मा ने बताया कि उनके पति का जहाज 2 मार्च से वहीं रुका हुआ है और अभी तक यह साफ नहीं है कि समुद्री रास्ता कब खुलेगा। निल्पा विश्वकर्मा ने कहा कि जहाज में उनके पति के साथ कुल 33 अन्य क्रू मेंबर भी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति कतर में जहाज में एलपीजी लोड करके भारत के लिए रवाना हुए थे।
Mumbai, Maharashtra: Captain Vishwakarma’s wife, Nilpa Vishwakarma says, "My husband's ship is stuck in the forest. Due to the closure of the Hormuz Strait , it has been stuck there since 2nd March. There is no confirmation as to when the Hormone State will open...He has 33 crew… pic.twitter.com/gfYbDNqyYA
— IANS (@ians_india) March 13, 2026
निल्पा विश्वकर्मा यह भी बताया कि जहाज की कंपनी की तरफ से क्रू को जरूरी सहयोग दिया जा रहा है, लेकिन लंबे समय से समुद्र में फंसे होने की वजह से परिवारों की चिंता बढ़ गई है। नील्पा विश्वकर्मा ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि सभी क्रू मेंबर को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी बस यही मांग है कि सरकार सभी को सुरक्षित घर वापस लाने में मदद करे।
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कप्तान का भावुक संदेश
जहाज से भेजे गए संदेश में कप्तान वीरेंद्र ने बताया कि मिसाइलें और ड्रोन सीधे हमारे ऊपर से गुजर रहे हैं। हर जगह सायरन बज रहे हैं और हर पल ऐसा लगता है जैसे कुछ भयानक हो सकता है। हम बस भारतीय नौसेना का सुरक्षा दल का इंतजार कर रहे हैं, ताकि सुरक्षित अपने वतन लौट सकें।
डर और चिंता में कप्तान का परिवार
मुंबई के दहिसर में विश्वकर्मा का परिवार डर और चिंता में जी रहा है। उनकी पत्नी निल्पा विश्वकर्मा ने यह भी बताया कि कई रातों से उन्हें नींद नहीं आ रही। उनका बेटा वेदांश (10 साल) और बेटी निर्वी (12 साल) अपने पिता के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने की वजह से नियमित संपर्क नहीं हो पा रहा, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
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आपातकालीन स्थिति, राशन को लेकर भी चिंता
गौरतलब है कि जहाज में केवल 60 दिनों का राशन बचा है। शिपिंग कंपनी GESCO और संबंधित मंत्रालय लगातार भारतीय नौसेना के संपर्क में हैं। कप्तान और उनके परिवार की एक ही मांग है कि भारतीय नौसेना उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित घर वापस लाए।
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