जॉर्डन में ईरान का हमला: 25 साल की अमेरिकी सैनिक की मौत, भारतीय मूल की आर्मी सार्जेंट एंजेला रामप्रसाद कौन?
जॉर्डन में ईरान का हमला: 25 साल की अमेरिकी सैनिक की मौत, भारतीय मूल की आर्मी सार्जेंट एंजेला रामप्रसाद कौन?
विस्तार
अमेरिकी सेना ने बताया कि पिछले सप्ताह जॉर्डन में एक ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिक एंजेला रामप्रसाद की मौत हो गई। रामप्रसाद का संबंध त्रिनिदाद और टोबैगो से था। वह 17 जुलाई को जॉर्डन के मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर मिसाइल हमले में मारी गई थीं।
बुधवार को (स्थानीय समय) डेलावेयर के डोवर एयर बेस पर रामप्रसाद और पश्चिम एशिया में मारे गए तीन अन्य अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ स्थानांतरित किया गया। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे। रामप्रसाद न्यूयॉर्क के ओजोन पार्क की निवासी थीं। त्रिनिदाद और टोबैगो सरकार ने संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने रामप्रसाद को विशेष श्रद्धांजलि दी, जिनके पिता त्रिनिदाद और टोबैगो के नागरिक हैं और मां अमेरिकी नागरिक हैं। प्रधानमंत्री कमला परसाद-बिसेसर ने कहा कि देश को रामप्रसाद के निधन पर विशेष दुख है। उन्होंने कहा कि रामप्रसाद का त्रिनिदाद और टोबैगो से गहरा संबंध था। डोवर एयर बेस पर ट्रंप, हेगसेथ, अमेरिकी सीनेटरों और सेना के अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
सैन्य सेवा और सम्मान
सेना ने बताया कि रामप्रसाद मार्च 2019 में भर्ती हुई थीं। उन्होंने आर्मी कमेंडेशन मेडल, आर्मी अचीवमेंट मेडल (दो ओक लीफ क्लस्टर के साथ) प्राप्त किए। उन्हें आर्मी गुड कंडक्ट मेडल, नेशनल डिफेंस सर्विस मेडल और आर्मी सर्विस रिबन से भी सम्मानित किया गया था। ब्रिगेडियर जनरल ग्लेन हेनके ने रामप्रसाद के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
जॉर्डन में जान गंवाने वाली भारतीय मूल की सैनिक को जानिए
- जॉर्डन के मुवाफक साल्टी एयर बेस पर 17 जुलाई को ईरान ने हमला किया।
- 25 साल की आर्मी सार्जेंट एंजेला रामप्रसाद ने गंवाई जान।
- एंजेला ईरान और अमेरिका के बीच जंग में जान गंवाने वाली चौथी अमेरिकी सैनिक।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, एंजेला और अन्य अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लिया जाएगा।
- इससे पहले अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने भारतीय मूल की अमेरिकी सैनिक एंजेला रामप्रसाद के लापता होने की बात कही थी।
- एंजेला भारतीय मूल के उस समुदाय से थीं, जिसके लोग गुयाना से अमेरिका जाकर बसे हैं।
- स्थानीय डेमोक्रेटिक पार्टी के एक नेता के मुताबिक, उनके पिता का नाम बासदेव रामप्रसाद है।
- पेंटागन ने बताया कि एंजेला न्यूयॉर्क सिटी के क्वींस इलाके के ओजोन पार्क की रहने वाली थीं। इस इलाके में भारतीय मूल के गुयाना से आए लोगों की बड़ी आबादी रहती है।
अधिकारियों की संवेदना
बुधवार को डोवर एयर फोर्स बेस पर रामप्रसाद की मां अपनी बेटी के पार्थिव शरीर को लेने के लिए मौजूद थीं। 10वीं आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड के कमांडिंग जनरल ग्लेन हेनके ने कहा, 'आज, हम सार्जेंट एंजेला रामप्रसाद के नुकसान पर शोक मना रहे हैं।' उन्होंने उनके परिवार और इस अकल्पनीय क्षति से जूझ रहे सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। हेनके ने कहा कि 10वीं आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड दुखी है। हम इस त्रासदी से निपटते हुए एक-दूसरे का समर्थन करना जारी रखेंगे।
अमेरिकी नेताओं ने श्रद्धांजलि में क्या कहा?
असेंबली मेंबर जेनिफर राजकुमार ने कहा कि सार्जेंट रामप्रसाद ने संयुक्त राज्य अमेरिका और देश का सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि रामप्रसाद ने घर से दूर सेवा की और सम्मान के साथ अपना कर्तव्य निभाया। राजकुमार ने कहा कि ओजोन पार्क, क्वींस, न्यूयॉर्क सिटी और एक कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने भी बुधवार को एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि रामप्रसाद के साहस और बलिदान को भुलाया नहीं जाएगा।