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ईरान में एक और महसा अमिनी!: हिजाब नहीं पहनने पर नैतिक पुलिस द्वारा पीटने का आरोप, लड़की की हुई मौत
Sat, 28 Oct 2023 03:46 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 28 Oct 2023 03:46 PM IST
सार
कुर्द लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले एक संगठन ने आरोप लगाया था कि अर्मिता को ईरान की नैतिक पुलिस ने हिजाब ना पहनने के लिए पीटा था, जिसमें अर्मिता बेहोश हो गई थी।
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अर्मिता गेरावंद (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ईरान में महसा अमिनी की तरह एक और लड़की के वहां की नैतिक पुलिस के हमले में जान गंवाने का आरोप लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिजाब नहीं पहनने पर ईरान की नैतिक पुलिस ने अर्मिता गेरावंद (16 वर्षीय) पर हमला किया था। इस हमले में अर्मिता बुरी तरह घायल हुई और कोमा में चली गई। अब ईरान के सरकारी मीडिया ने बयान जारी कर कहा है कि अर्मिता की मौत हो गई है।
ईरान की नैतिक पुलिस पर लगे आरोप
ईरानी मीडिया के अनुसार, दुर्भाग्य से दिमाग में लगी चोट की वजह से पीड़िता कुछ समय से कोमा में थी और अब उसकी मौत हो गई। बीते हफ्ते अर्मिता को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्तूबर महीने के शुरुआत में अर्मिता को तेहरान मेट्रो में वहां की नैतिक पुलिस ने हिजाब नहीं पहनने के चलते प्रताड़ित किया था। घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें अर्मिता मेट्रो में बैठते दिख रही है और कुछ ही देर बाद अर्मिता के साथ की लड़कियां और अन्य महिलाओं ने उसे बेहोशी की हालत में मेट्रो से उतारा। कुर्द लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले एक संगठन ने आरोप लगाया था कि अर्मिता को ईरान की नैतिक पुलिस ने हिजाब ना पहनने के लिए पीटा था, जिसमें अर्मिता बेहोश हो गई थी।
महसा अमिनी की मौत से दहला था ईरान
हालांकि अर्मिता के परिजनों ने नैतिक पुलिस द्वारा पिटाई की बात से इनकार किया था। बता दें कि बीते साल भी ईरान की नैतिक पुलिस के हमले में महसा अमिनी नामक युवती की मौत हो गई थी। महसा अमिनी की मौत के बाद पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और कई लोगों को फांसी की सजा दी गई। पूरी दुनिया में आलोचना के बावजूद ईरान की सरकार नया हिजाब विधेयक ले आई, जिसमें हिजाब पहनना अनिवार्य कर दिया गया और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी सजा के प्रावधान किए गए।
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ईरान की नैतिक पुलिस पर लगे आरोप
ईरानी मीडिया के अनुसार, दुर्भाग्य से दिमाग में लगी चोट की वजह से पीड़िता कुछ समय से कोमा में थी और अब उसकी मौत हो गई। बीते हफ्ते अर्मिता को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्तूबर महीने के शुरुआत में अर्मिता को तेहरान मेट्रो में वहां की नैतिक पुलिस ने हिजाब नहीं पहनने के चलते प्रताड़ित किया था। घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें अर्मिता मेट्रो में बैठते दिख रही है और कुछ ही देर बाद अर्मिता के साथ की लड़कियां और अन्य महिलाओं ने उसे बेहोशी की हालत में मेट्रो से उतारा। कुर्द लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले एक संगठन ने आरोप लगाया था कि अर्मिता को ईरान की नैतिक पुलिस ने हिजाब ना पहनने के लिए पीटा था, जिसमें अर्मिता बेहोश हो गई थी।
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महसा अमिनी की मौत से दहला था ईरान
हालांकि अर्मिता के परिजनों ने नैतिक पुलिस द्वारा पिटाई की बात से इनकार किया था। बता दें कि बीते साल भी ईरान की नैतिक पुलिस के हमले में महसा अमिनी नामक युवती की मौत हो गई थी। महसा अमिनी की मौत के बाद पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और कई लोगों को फांसी की सजा दी गई। पूरी दुनिया में आलोचना के बावजूद ईरान की सरकार नया हिजाब विधेयक ले आई, जिसमें हिजाब पहनना अनिवार्य कर दिया गया और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी सजा के प्रावधान किए गए।
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