फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Iran accuses US of violating MoU calls donals trump criminal and murderous after american army fresh strikes

'अपराधी और हत्यारे हैं ट्रंप': अमेरिकी हमलों पर भड़का ईरान, लगाया समझौते के उल्लंघन का आरोप; और क्या कहा?

Thu, 09 Jul 2026 05:48 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Devesh Tripathi Updated Thu, 09 Jul 2026 05:48 AM IST
सार

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने वॉशिंगटन पर दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यह समझौता भरोसे के बजाय पारस्परिक प्रतिबद्धताओं पर आधारित था और अमेरिका ने अपने दायित्वों का पालन नहीं किया। वहीं, उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें भड़काऊ बताया।

विज्ञापन
Iran accuses US of violating MoU calls donals trump criminal and murderous after american army fresh strikes
पश्चिम एशिया संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

ईरान ने बुधवार को अमेरिका पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत किए गए वादों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों के बावजूद तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन




ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बघाई ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हुआ समझौता कभी भरोसे पर आधारित नहीं था, बल्कि 'वचन के बदले वचन' के सिद्धांत पर तैयार किया गया था। उनका आरोप है कि अमेरिका ने एकतरफा कदम उठाकर इस समझौते का उल्लंघन किया है।
विज्ञापन


बघाई ने कुरान की आयात का जिक्र कर क्या कहा?
बघाई ने एक्स पर कुरान की एक आयत का हवाला देते हुए लिखा, "अगर तुम्हें किसी समुदाय की ओर से विश्वासघात का डर हो, तो उनका समझौता समान शर्तों पर उन्हें लौटा दो। निस्संदेह, अल्लाह विश्वासघात करने वालों को पसंद नहीं करता। (अल-अनफाल, 58)।"
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, "ईरान और अमेरिका के बीच हुआ समझौता ज्ञापन शुरुआत से ही भरोसे पर आधारित नहीं था, बल्कि 'वचन के बदले वचन' की स्पष्ट व्यवस्था पर आधारित था, क्योंकि दूसरे पक्ष के व्यवहार में सद्भावना का कोई संकेत नहीं था।" इस्माइल बघाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने समझौते की पांचवीं धारा को चुनौती दी है। उनके मुताबिक, इस धारा में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था तय करने की जिम्मेदारी ईरान की बताई गई है।

बघाई ने आगे कहा, "इस्लामी गणराज्य ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और अपनी संप्रभुता के प्रयोग के लिए पूरी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ता रहेगा।" उधर, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी ट्रंप के बयानों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप की टिप्पणियां दबाव, प्रतिबंधों और धमकियों पर आधारित नीति की विफलता को दिखाती हैं।

गरीबाबादी बोले- ट्रंप अपराधी और हत्यारे
गरीबाबादी ने कहा, "आज ट्रंप के बयान, जिनमें ईरानी जनता का अपमान करने से लेकर आगे और हमलों की धमकी तक शामिल है, ताकत का नहीं बल्कि उस नीति की विफलता का स्वीकार है, जो वर्षों से बल प्रयोग, प्रतिबंधों और धमकियों पर आधारित रही, लेकिन ईरानी जनता को झुका नहीं सकी।"


उन्होंने आगे कहा, "अपराधी और हत्यारे ट्रंप से उसी की भाषा में बात करनी चाहिए। लगता है कि वह ताकत की भाषा ही बेहतर समझता है।" ईरानी अधिकारियों के ये बयान ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ संघर्ष दोबारा शुरू होगा, हालांकि युद्धविराम समझौता अब प्रभावी रूप से खत्म हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed