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चीन को दरकिनार कर भारत में निवेश का अमेरिकी सीनेट में आएगा बिल
Thu, 25 Feb 2021 05:33 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 25 Feb 2021 05:33 AM IST
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भारत चीन अमेरिका
- फोटो : फाइल
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अमेरिकी उच्च सदन (सीनेट) में विदेशी कारोबार प्रतिद्वंद्वियों की सूची से बाहर करने के लिए एक विधायी पैकेज का मसौदा तैयार करने की मांग उठी है। सीनेट के बहुसंख्यक नेता चक शूमर ने अपने डेमोक्रेटिक सहयोगियों से यहां तक कहा है कि अमेरिका में नए रोजगार खड़े करें और अपने रणनीतिक साझेदारों तथा भारत जैसे गठबंधन देशों में निवेश करें। इनमें नाटो देश भी शामिल हो सकते हैं।
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सीनेट में एक बड़े समूह (कॉकस) के बुलावे पर शूमर ने सीनेट समितियों को अमेरिकी नौकरियों की रक्षा के लिए नए कानून का मसौदा तैयार करने और चीन को मात देने के लिए जोर देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनका इरादा इसी वसंत में सीनेट में मतदान के जरिये ऐसा कानून बनाने का है।
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उन्होंने कहा, मैंने संबंधित समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों को कहा है कि वे चीन को घेरें और भारत जैसे देशों में निवेश बढ़ाएं ताकि चीन की शिकारी नीतियों पर अंकुश लगे और देश में रोजगार के अवसर बढ़ें।
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शूमर ने कहा, ऐसा करने से अमेरिकी नवाचार, विनिर्माण में निवेश बढ़ेगा और चीन को कड़ी टक्कर दी जा सकेगी। इस कानून के केंद्र में द्विदलीय व द्विसदनीय विधेयक एंडलेस फ्रंटियर्स एक्ट होगा जिसे शूमर ने पिछले साल सीनेटर टॉड यंग. माइक गैलाग और भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना के साथ सदन में रखा था।
चीन को पछाड़ने की रणनीति
अमेरिकी सीनेट में बहुसंख्यक नेता चक शूमर ने कहा कि भारत और नाटो जैसे गठबंधनों से रिश्ते बढ़ाने और निवेश करने से अमेरिका न सिर्फ चीन में स्थापित उद्योगों को काट सकेगा बल्कि विदेशों में अमेरिकी निवेश भी मजबूत करके हम चीन को पछाड़ सकेंगे। इसके अलावा चीन में विदेशी स्रोतों का आधार रोकने के लिए हम अमेरिकी सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करने के लिए गंभीर निवेश करेंगे।
चीनी प्रभाव के खिलाफ समन्वय पर राजी हुए बाइडन-त्रूदो
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीनी प्रभाव का मुकाबला करने के लिए कनाडा केपीएम जस्टिन त्रूदो से वार्ता की और दोनों नेता आपसी समन्वय पर राजी हुए।
उन्होंने उ. अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (एनओआरएडी) के आधुनिकीकरण के लिए कई पारस्परिक चिंताओं पर एक साथ काम करने पर सहमति भी जताई। इस बातचीत से ठीक पहले कनाडा के निचले सदन में चीन को उइगर मुस्लिमों के नरसंहार का दोषी घोषित करते हुए मतदान भी किया था।
बाइडन ने बताया कि उन्होंने त्रूदो से कहा है कि चीन के खिलाफ अमेरिका-कनाडा के समान हित हैं और दोनों पर ही मूल्यों का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में दोनों को मिलकर काम करना जरूरी है। दोनों के बीच विश्व स्वास्थ्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर भी बातचीत हुई।
हिंद-प्रशांत में चीन से मुकाबले को बांग्लादेश से की ब्लिंकेन ने वार्ता
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमन से दक्षिण एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चुनौतियों का मिलकर सामना करने पर सहमति जताई।
ब्लिंकेन ने कहा, चीन का प्रभाव हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है और इसे कम करने के लिए बांग्लादेश एक अहम कड़ी हो सकता है। क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर भारत, अमेरिका समेत अन्य वैश्विक ताकतें स्वतंत्र, मुक्त और समृद्ध हिंद-प्रशांत सुनिश्चित पर वार्ता कर रही हैं।