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आपदा में अवसर: कोरोना की दूसरी लहर से बांग्लादेश की ‘चांदी’, बढ़ गया निर्यात
Thu, 20 May 2021 07:29 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 20 May 2021 07:29 PM IST
सार
जानकारों का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच बांग्लादेश का निर्यात बढ़ना ध्यान खींचने वाली घटना है। खासकर उसके वस्त्र उद्योग में जो उछाल आया है, वह गौरतलब है। एक यूरोपीय खरीदार ने अखबार डेली स्टार से कहा- ‘यह सच है कि म्यांमार से ऑर्डर बांग्लादेश को शिफ्ट हो रहे हैं...
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बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना
- फोटो : ANI (File)
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विस्तार
म्यांमार में गहराते राजनीतिक संकट और भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का अर्थजगत में फायदा बांग्लादेश को मिल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय रिटेलर्स और ब्रांड अपने उन कामों के ऑर्डर अब बांग्लादेश को दे रहे हैं, जो पहले उन्होंने भारत और म्यांमार की कंपनियों को दिए थे। बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार ने अपनी इस रिपोर्ट में दावा किया है कि ऐसा बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता और इस देश के कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से कम प्रभावित होने के कारण हुआ है।
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अखबार के मुताबिक ऑर्डर शिफ्ट होने की सबसे साफ मिसाल बांग्लादेश को निर्यात से हो रही ज्यादा आमदनी है। पिछले साल जुलाई से इस साल अप्रैल तक इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बीते मार्च में निर्यात से आमदनी में 12.59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पश्चिमी देशों में लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद वहां कारोबार बढ़ा है। इसका साफ असर वहां बांग्लादेश से होने वाले आयात पर दिखा है। बीते अप्रैल में पिछले साल के अप्रैल की तुलना में निर्यात से हुई बांग्लादेश की कमाई छह गुना ज्यादा रही। यह 3.13 अरब डॉलर तक पहुंच गई। पिछले साल जुलाई से इस अप्रैल तक बांग्लादेश के वस्त्र निर्यात में 6.24 फीसदी का इजाफा हुआ।
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जानकारों का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच बांग्लादेश का निर्यात बढ़ना ध्यान खींचने वाली घटना है। खासकर उसके वस्त्र उद्योग में जो उछाल आया है, वह गौरतलब है। एक यूरोपीय खरीदार ने अखबार डेली स्टार से कहा- ‘यह सच है कि म्यांमार से ऑर्डर बांग्लादेश को शिफ्ट हो रहे हैं। मेरी कंपनी उस देश से व्यापार नहीं करना चाहती, जहां सैनिक तानाशाही हो, राजनीतिक तनाव चल रहा हो और इन कारणों से मानवीय संकट खड़ा हो गया हो। इसलिए वह अपने ऑर्डर दूसरे देशों को शिफ्ट कर रही है।’
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डेली स्टार ने उस खरीदार का नाम नहीं छापा है। लेकिन रिपोर्ट में उसे यह कहते हुए बताया गया है कि अस्थायी तौर पर उसकी कंपनी ने भारत को दिए गए अपने ऑर्डर भी बांग्लादेश को शिफ्ट किए हैं। ऐसा कोरोना महामारी के कारण किया गया है। अखबार के मुताबिक ऑर्डर शिफ्ट करने के इस रुझान का फायदा कंबोडिया और कुछ दूसरे देशों को भी मिल रहा है।
गौरतलब है कि म्यांमार में राजनीतिक संकट खड़ा होने के पहले वह लगेज, फैशन और फुटवियर (जूता-चप्पल) उद्योग के सप्लाई चेन में एक अहम स्थल बना हुआ था। दिसंबर 2019 से नवंबर 2020 तक म्यांमार से साढ़े 24 करोड़ डॉलर का निर्यात अमेरिका को हुआ था। लेकिन सैनिक शासन लागू होने के बाद विदेशी कंपनियां म्यांमार से कारोबार जारी रखने को लेकर अनिच्छुक हो गई हैं।
इस बीच बांग्लादेश में चमड़ा सामग्रियों और फुटवियर उत्पादकों और निर्यातकों के संघ के अध्यक्ष मोहम्मद सैदुल इस्लाम ने डेली स्टार से कहा कि इस क्षेत्र से जुड़ी बांग्लादेशी कंपनियों को पिछले दो महीनों में विदेशों से मिले ऑर्डर में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके पहले पिछले जुलाई से इस साल अप्रैल तक चमड़ा सामग्री उद्योग को निर्यात से आमदनी में 8.56 फीसदी की वृद्धि हुई थी।
लेकिन भारत में कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद बांग्लादेश की ये स्थिति जारी रहेगी या नहीं, इसको लेकर यहां के जानकार आश्वस्त नहीं हैं। विश्व बैंक के ढाका कार्यालय में अर्थशास्त्री जाहिद हुसैन ने कहा- ‘मेरी राय में अभी इस बारे में कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।’