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Bangladesh: अंतरिम सरकार ने भारत पर साधा निशाना, कहा- वाणिज्य दूतावास पर हमला हिंदुस्तान की विफलता

Tue, 03 Dec 2024 04:28 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: बशु जैन Updated Tue, 03 Dec 2024 04:28 PM IST
सार

अगरतला में बांग्लादेशी सहायक उच्चायोग के परिसर में कथित तौर पर 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने प्रवेश किया, जिससे परिसर में मौजूद लोगों में चिंता पैदा हो गई। मामले में विदेश मंत्रालय ने कहा, अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग में परिसर में घुसपैठ की आज की घटना बेहद खेदजनक है।

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Interim government targets India, says attack on Consulate is failure of India
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार आसिफ नजरुल। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

अगरतला में बांग्लादेश के वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शनकारियों के हमले को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के एक प्रमुख सलाहकार ने भारत की विफलता बताया है। उन्होंने शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद भारत से पड़ोसी के साथ अपने रिश्तों का नए सिरे से मूल्यांकन करने के लिए कहा। बांग्लादेश के कानूनी मामलों के सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा कि हम समानता और आपसी सम्मान पर आधारित मित्रता पर विश्वास करते हैं। जबकि शेख हसीना बिना चुनाव के सत्ता से चिपके रहने वाली भारतीय समर्थन नीति का पालन करती रहीं। भारत को यह समझना होगा कि अब शेख हसीना वाला बांग्लादेश नहीं है।  
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नजरुल ने आरोप लगाया कि हिंदू संघर्ष समिति इस घृणित कृत्य के लिए जिम्मेदार है। संगठन ने  अगरतला में बांग्लादेश के वाणिज्य दूतावास में तोड़फोड़ की और बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज को आग लगा दी। अगर बांग्लादेश में मुस्लिम संघर्ष समिति के नाम से ऐसी ही कोई घटना हुई होती, तो भारत ने कितनी आक्रामक प्रतिक्रिया दी होती?
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उन्होंने बांग्लादेश में अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिकों की तैनाती का सुझाव देने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी घेरा। नजरुल ने कहा कि भारत को अपनी सीमाओं के भीतर अल्पसंख्यकों और दलितों के खिलाफ उत्पीड़न की घटनाओं पर विचार करना चाहिए। बांग्लादेश एक स्वतंत्र, संप्रभु और स्वाभिमानी राष्ट्र है, जो निडर और गतिशील युवा पीढ़ी द्वारा संचालित है।
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दरअसल, अगरतला में बांग्लादेशी सहायक उच्चायोग के परिसर में कथित तौर पर 50 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने प्रवेश किया, जिससे परिसर में मौजूद लोगों में चिंता पैदा हो गई। मामले में विदेश मंत्रालय ने कहा, अगरतला में बांग्लादेश के सहायक उच्चायोग में परिसर में घुसपैठ की आज की घटना बेहद खेदजनक है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग और भारत में देश के अन्य मिशनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कार्रवाई कर रही है।

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसके खिलाफ बांग्लादेश के हिंदुओं ने कई बार विरोध प्रदर्शन किया। ये विरोध प्रदर्शन सनातनी जागरण जोत संगठन के बैनर तले ही हुए, जिसके प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास प्रभु हैं।


बीते दिनों चटगांव में हुए  विरोध प्रदर्शन के दौरान चिन्मय कृष्ण दास समेत 19 लोगों के खिलाफ बांग्लादेश के राष्ट्रध्वज के अपमान के आरोप में राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी हुई थी। इस गिरफ्तारी के विरोध में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई, जिसमें एक वकील की मौत हो गई थी।  इस गिरफ्तारी के विरोध में ही अगरतला में बांग्लादेश के वाणिज्य दूतावास में हमला हुआ। 
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