फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Inquiry Commission find involvement of former PM Sheikh Hasina in forced disappearance case in Bangladesh

Bangladesh: 3500 लोगों को गायब करने में जांच आयोग ने हसीना को ठहराया जिम्मेदार, मुख्य सलाहकार को सौंपी रिपोर्ट

Sun, 15 Dec 2024 04:53 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 15 Dec 2024 04:53 AM IST
सार

बांग्लादेश में जनरल (सेवानिवृत्त) तारिक अहमद सिद्दीकी को जबरन गायब कर दिया गया था। जबरन गायब करने के अब तक 1600 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनकी जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया। जिसने मुख्य सलाहकार को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी है, इसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संलिप्तता पाई गई है। 

विज्ञापन
Inquiry Commission find involvement of former PM Sheikh Hasina in forced disappearance case in Bangladesh
शेख हसीना, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश में जबरन गायब करने पर जांच आयोग ने प्रथम दृष्टया पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, उनके सुरक्षा बलों और उनकी सरकार के कुछ उच्च अधिकारियों की संलिप्तता पाई है, जिसमें हसीना के रक्षा सलाहकार मेजर भी शामिल हैं। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार कार्यालय के अनुसार, जनरल (सेवानिवृत्त) तारिक अहमद सिद्दीकी को जबरन गायब कर दिया गया था।

विज्ञापन


जबरन गायब करने पर जांच आयोग ने शनिवार को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस को अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी। पांच सदस्यीय आयोग का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश मैनुल इस्लाम चौधरी ने किया। 'सच्चाई को उजागर करना' शीर्षक से यह रिपोर्ट ढाका के राज्य अतिथि गृह जमुना में मुख्य सलाहकार को सौंपी गई। इसमें कहा गया है कि प्रथम दृष्टया पूर्व पीएम शेख हसीना और उनके सुरक्षा बलों तथा अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है।
विज्ञापन


1676 शिकायतों में से अब तक 758 की जांच हो चुकी पूरी
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के अनुसार, आयोग ने पाया कि इसमें राष्ट्रीय दूरसंचार निगरानी केंद्र के पूर्व महानिदेशक की भी भूमिका थी। जबरन गायब करने के कई मामलों में मेजर जनरल जियाउल अहसन, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मोनिरुल इस्लाम और मोहम्मद हारुन-ओर-रशीद को उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया। आयोग ने अब तक 1,676 शिकायतें दर्ज की हैं, और 758 की जांच भी की जा चुकी है। अनुमान है कि बांग्लादेश में जबरन गायब होने की घटनाएं 3,500 को पार कर सकती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरक्षा एजेंसियों के बीच साठगांठ का आरोप
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस की रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) व अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने लोगों को जबरन उठाने, उन्हें प्रताड़ित करने व हिरासत में रखने की घटनाओं को अंजाम देने के लिए साठगांठ किया। आरएबी में सेना, नौसेना, वायु सेना व पुलिस के लोग शामिल होते हैं। आयोग ने आतंकवादरोधी अधिनियम-2009 को खत्म करने या उसमें व्यापक संशोधन करने के साथ-साथ आरएबी को खत्म करने का प्रस्ताव भी रखा है।

टीवी पर प्रसारित किए गए पीड़ितों के साक्षात्कार
टीवी चैनलों व सोशल मीडिया पर कथित रूप से गायब किए जाने वाले पीड़ितों के साक्षात्कार प्रसारित किए गए। मालूम हो कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में पनाह ले रखी है। सेना व पुलिस के जिन पूर्व अधिकारियों पर लोगों को गायब करने में भूमिका होने का आरोप है, माना जा रहा है कि वे सभी देश छोड़ चुके हैं।

जांच पूरी करने के लिए आयोग अध्यक्ष ने एक और वर्ष का मांगा समय
मुख्य सलाहकार कार्यालय के अनुसार, उन्होंने कहा कि जबरन गायब करने या गैर-न्यायिक हत्या को अंजाम देने वाले व्यक्तियों को पीड़ितों के बारे में जानकारी का अभाव था। जांच आयोग अध्यक्ष ने कहा कि वे मार्च में एक और अंतरिम रिपोर्ट देंगे। उन्हें प्राप्त सभी आरोपों की जांच पूरी करने के लिए कम से कम एक और वर्ष की आवश्यकता होगी।

मुख्य सलाहकार ने जांच आयोग के काम को सराहा
मुख्य सलाहकार ने जांच आयोग के काम को सराहा और काम को पूरा करने में हर संभव सहयोग देने का वादा किया। मुख्य सलाहकार ने कहा कि वे पीड़ितों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए कुछ गुप्त हिरासत केंद्रों और पूछताछ कक्षों का दौरा करेंगे।


बैठक में ये रहे उपस्थित
जांच आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति फरीद अहमद शिबली, मानवाधिकार कार्यकर्ता नूर खान, बीआरएसी विश्वविद्यालय की शिक्षिका नबीला इदरीस और मानवाधिकार कार्यकर्ता सज्जाद हुसैन, अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद के सदस्य आदिलुर रहमान खान और शर्मीन एस मुर्शिद, मुख्य सलाहकार के प्रधान सचिव मोहम्मद सिराज उद्दीन मिया और मुख्य सलाहकार कार्यालय के प्रेस सचिव शफीकुल आलम समेत अन्य लोग बैठक में उपस्थित थे।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed