{"_id":"6001bdd8651ac57070442277","slug":"indonesian-divers-found-parts-of-voice-recorder-of-crashed-aircraft","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंडोनेशिया: गोताखोरों को मिले हादसे का शिकार हुए विमान के वॉइस रिकॉर्डर के हिस्से","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
इंडोनेशिया: गोताखोरों को मिले हादसे का शिकार हुए विमान के वॉइस रिकॉर्डर के हिस्से
Fri, 15 Jan 2021 09:37 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 15 Jan 2021 09:37 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंडोनेशिया में पिछले सप्ताह जावा सागर में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मलबे और शवों की तलाश में शुक्रवार को कुछ और कर्मी जुड़ गए और गोताखोरों को इस दुर्घटनाग्रस्त विमान के 'वॉइस रिकॉर्डर' के हिस्से मिले हैं। राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी मिशन के संयोजक रासमन ने बताया कि दुर्घटना का शिकार हुए श्रीविजय एयर के विमान की तलाश के लिए हवाई सर्वेक्षण का दायरा भी बढ़ा दिया गया है।
विज्ञापन
विमान का मलबा और मारे गए लोगों की तलाश के काम में 4,132 कर्मी जुटे हुए हैं। कुल 14 विमानों, 62 जहाजों और 21 नौकाओं के जरिए यह अभियान चलाया जा रहा है। मेटल डिटेक्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। शवों और 'कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर' की तलाश के लिए उपकरणों की भी मदद ली जा रही है। गोताखोरों ने 'कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर' के कुछ हिस्से मिलने के बाद तलाश का दायरा सीमित कर दिया है।
विज्ञापन
नौसेना की फर्स्ट फ्लीट कमान के कमांडर अब्दुल राशिद ने शुक्रवार को कहा, 'हमें केसिंग, बीकन और सीवीआर बैटरियां मिल गई हैं। हमें मैमोरी यूनिट की तलाश है।' उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि वह भी दूर नहीं होगी।' राष्ट्रीय पुलिस के प्रवक्ता रूसदी हर्टोनो ने बताया कि हादसे का शिकार हुए इस विमान में सवार हुए 62 लोगों के परिवार वालों के डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं ताकि मृतकों की पहचान हो सके।
विज्ञापन
रूसदी हर्टोनो ने कहा कि हादसे का शिकार हुए 12 लोगों की गुरुवार को पहचान की गई थी। दूसरी ओर, इंडोनेशिया की राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा कमेटी ने कहा है कि भारी बारिश के बीच जकार्ता से उड़ान भरने के बाद समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले विमान के चालक दल के सदस्यों ने आपात स्थिति की घोषणा नहीं की थी। कमेटी ने बताया कि सदस्यों ने किसी तकनीकी गड़बड़ी के बारे में भी जानकारी नहीं दी थी।