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Indonesia: 100-200 नहीं, 1178 कैदियों को मिली रिहाई, राष्ट्रपति सुबियांतो की इस योजना के तहत लिया फैसला

Sat, 02 Aug 2025 07:48 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sat, 02 Aug 2025 07:48 PM IST
सार

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबवो सुबियांतो ने राष्ट्रीय एकता की पहल के तहत 1178 कैदियों को रिहा किया है। इनमें राजनीतिक बंदी, बुजुर्ग, बीमार और अलगाववादी शामिल हैं। माफी पाने वालों में विपक्षी नेता हैस्टो क्रिस्टियान्तो और पूर्व मंत्री टॉम लेम्बोंग जैसे चर्चित नाम हैं। सरकार जल्द ही 1668 और कैदियों की रिहाई पर विचार कर रही है।

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Indonesia releases  thousands of prisoners under President Subianto unity plan
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो - फोटो : X-@prabowo

विस्तार

इंडोनेशिया के नए राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने देश में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के पहले दो महीनों में ही उन्होंने सैकड़ों कैदियों को माफी देकर रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस फैसले में राजनीतिक अपराधों में सजा काट रहे कई लोगों को भी रिहा किया गया है। इसे राष्ट्रपति की ‘यूनिटी प्लान’ यानी राष्ट्रीय एकता योजना का पहला चरण माना जा रहा है।
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अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति सुबियांतो द्वारा हस्ताक्षरित राष्ट्रपतिीय डिक्री के तहत 1178 कैदियों को शुक्रवार को रिहा किया गया। संसद के उपाध्यक्ष सफमी डास्को अहमद और कानून मंत्री सुप्रातमान एंडी आगतास ने इसकी घोषणा की। यह पहला चरण है, जिसमें कुल 44,000 कैदियों को रिहा किए जाने की योजना है। प्राथमिकता राजनीतिक कैदियों, बीमार, बुजुर्ग, नाबालिग और धार्मिक भावनाओं को लेकर सजा पाए लोगों को दी जा रही है।
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पीडीआई-पी नेता हास्तो क्रिस्तियान्तो को मिली रिहाई
इस रिहाई सूची में इंडोनेशियाई डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ स्ट्रगल के महासचिव हास्तो क्रिस्तियान्तो भी शामिल हैं, जो देश की इकलौती औपचारिक विपक्षी पार्टी के नेता हैं। वे भ्रष्टाचार के एक मामले में साढ़े तीन साल की सजा काट रहे थे। फरवरी से दक्षिण जकार्ता की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की हिरासत में थे। रिहाई के बाद उन्होंने समर्थकों से कहा कि हमें इस घटना से सीख लेनी चाहिए।
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पूर्व मंत्री टॉम लेम्बॉन्ग पर भी केस वापस
पूर्व व्यापार मंत्री टॉम लेम्बॉन्ग, जो पहले राष्ट्रपति जोको विडोडो के करीबी थे और बाद में प्रतिद्वंद्वी अनिस बसवेदान का समर्थन करने लगे, उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई भी वापस ले ली गई है। उन पर 2024 के चुनाव के दौरान चीनी आयात लाइसेंस में गड़बड़ी का आरोप था।


पश्चिम पापुआ के अलगाववादी कार्यकर्ता भी रिहा
इस रिहाई की सूची में पश्चिम पापुआ के छह स्वतंत्रता समर्थक कार्यकर्ता भी शामिल हैं, जिन्हें देशद्रोह के आरोप में कैद किया गया था। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने की दिशा में है और ऐसे लोगों को रिहा किया जा रहा है, जिन्होंने किसी न किसी रूप में देश की सेवा की है।

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दूसरी सूची में और 1668 कैदी होंगे शामिल
कानून मंत्री आगतास ने बताया कि जल्द ही दूसरी सूची भी संसद में पेश की जाएगी, जिसमें 1668 और कैदियों के नाम होंगे। इस पूरे अभियान को राष्ट्रपति सुबियांतो की नई और समावेशी नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसका मकसद देश में राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण को खत्म करना है।
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