Indonesia: इंडोनेशिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू, माता-पिता ने सराहा
Indonesia Social Media Ban for Children: इंडोनेशिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू किया। सरकार का लक्ष्य ऑनलाइन खतरों, साइबर बुलिंग और डिजिटल लत से बच्चों की सुरक्षा करना है।
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इंडोनेशिया ने शनिवार से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लागू करना शुरू कर दिया। नए सरकारी नियम के तहत अब बच्चे यूट्यूब, टिकटॉक, फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स, एक्स, बिगो लाइव और रोबॉक्स पर अकाउंट नहीं बना पाएंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को अश्लील फिल्में, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन घोटाले और डिजिटल लत जैसी खतरनाक चीजों से सुरक्षित रखना है। इस निर्णय के साथ इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया का पहला देश बन गया है, जिसने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त रोक लगाई।
लगभग 70 मिलियन बच्चों पर होगा लागू
इंडोनेशिया के संचार और डिजिटल मामलों की मंत्री मेटुया हफिद ने मार्च में इस नियम की घोषणा करते हुए बताया कि यह लगभग 70 मिलियन बच्चों पर लागू होगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नियम का पालन कराना आसान नहीं होगा, क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नियमों के अनुरूप बनाना और 16 साल से कम उम्र के खातों को रिपोर्ट कराना चुनौतीपूर्ण है। मंत्री हफिद ने कहा यह निश्चित रूप से कठिन कार्य है, लेकिन हमें अपने बच्चों को बचाने के लिए कदम उठाने होंगे। इसे लागू करना आसान नहीं, लेकिन हमें इसे पूरा करना ही होगा।
माता-पिता ने सराहा
13 वर्षीय मौरा मुन्थे, जो रोजाना लगभग चार घंटे सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स पर बिताती हैं, ने नए नियम के बारे में कहा कि उनकी राय '50-50' है, लेकिन वे ज्यादातर इस निर्णय के पक्ष में हैं। उनकी मां लेनी सिनुराया ने कहा कि सोशल मीडिया के चलते माता-पिता ने अपने बच्चों पर नियंत्रण खो दिया है और यह कदम बच्चों की सुरक्षा के लिए सही है।
सिनुराया ने बताया, "आजकल जब हम बच्चों को किसी रेस्तरां में देखते हैं, उनके हाथ में हमेशा फोन होता है। वे तब तक नहीं खाते जब तक उन्हें फोन नहीं दिया जाता, और अगर नहीं दिया तो वे हंगामा करते हैं। मील टाइम का मतलब है परिवार और दोस्तों के साथ बातचीत करना, लेकिन अब फोन सब कुछ नियंत्रित कर रहा है।" सरकार ने कहा कि यह प्रतिबंध धीरे-धीरे लागू किया जाएगा, ताकि सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स नियमों के अनुरूप आएं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। दुनियाभर में मांगे पकड़ रही हैं जोर
बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की मांगें दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही हैं। इसका उदाहरण ऑस्ट्रेलिया का ऐतिहासिक कानून है, जो पिछले साल लागू हुआ। हाल ही में इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत से भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने का आग्रह किया।
- ऑस्ट्रेलिया: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पहले ही प्रतिबंध लागू।
- फ्रांस: सितंबर से 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर बैन लागू करने की तैयारी।
- इंडोनेशिया: आज से 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध प्रभावी।
- स्पेन और डेनमार्क: 15-16 साल की आयु सीमा तय करने की योजना।
कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने अपने बजट में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध की घोषणा की है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक पूरे देश में कोई आयु-आधारित नियम लागू नहीं किया है, लेकिन इस विषय पर बातचीत शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले महीने कहा था कि सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के साथ आयु-आधारित प्रतिबंध पर चर्चा कर रही है। वहीं, इस साल की शुरुआत में जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर आयु-आधारित सीमा लागू करने का सुझाव दिया।
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