फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Indias Historical and Civilizational Relations with Afghanistan, Doval said in Dushanbe talks

Dushanbe Dialogue: अफगानिस्तान के साथ भारत के ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध, दुशांबे वार्ता में बोले डोभाल 

Fri, 27 May 2022 12:42 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, दुशांबे
पीटीआई, दुशांबे Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 27 May 2022 12:42 PM IST
सार

दुशांबे वार्ता में भारत के अलावा ताजिकिस्तान, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान, किर्गिस्तान और चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख शरीक हुए।

विज्ञापन
Indias Historical and Civilizational Relations with Afghanistan, Doval said in Dushanbe talks
अफगानिस्तान पर चौथी क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता में एनएसए अजीत डोभाल व अन्य देशों के सुरक्षा प्रमुख - फोटो : ANI

विस्तार

ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में अफगानिस्तान पर चौथी क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता में शुक्रवार को एनएसए अजीत डोभाल ने साफगोई से भारत का पक्ष रखा। उन्होंने दुशांबे वार्ता में शामिल देशों से आह्वान किया कि वे आतंकवाद व आतंकी गुटों से निपटने के लिए युद्धग्रस्त देश की क्षमताएं बढ़ाएं। आतंकी क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं। डोभाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत हमेशा अफगानिस्तान के साथ खड़ा रहा है और खड़ा रहेगा। अफगानिस्तान के साथ भारत के ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं। भारत सरकार हमेशा अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ी रही है। 
विज्ञापन


दुशांबे वार्ता में भारत के अलावा ताजिकिस्तान, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान, किर्गिस्तान और चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख शरीक हुए। अपने क्षेत्रीय समकक्षों के साथ डोभाल ने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान और क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा की। सूत्रों ने कहा कि बैठक में अफगानिस्तान और क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा करने वाले शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने और क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद की जोखिमों से निपटने के लिए रचनात्मक तरीके खोजने पर जोर दिया। 
विज्ञापन


एनएसए डोभाल ने कहा कि अफगानिस्तान में सबसे पहली प्राथमिकता जीवन का अधिकार और सम्मानजनक जीवन के साथ-साथ सब के मानवाधिकारों की सुरक्षा होनी चाहिए। मानवीय सहायता सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत सभी दायित्वों का सम्मान सुनिश्चित होना चाहिए। भारत कई दशकों से अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचे के विकास, संपर्क बढ़ाने तथा मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत ने भेजे गेहूं, टीके और दवाएं
अगस्त 2021 के बाद भारत अफगानिस्तान में 50,000 टन भेजने के वादे में से 17,000 टन गेहूं, कोवॉक्सिन की 5,00,000 खुराक, 13 टन अन्य जीवन रक्षक दवाएं और सर्दियों के कपड़ों के साथ-साथ पोलियो वैक्सीन की 6 करोड़ खुराक प्रदान कर चुका है।

बैठक के मौके पर डोभाल ने ईरान, ताजिकिस्तान, रूस व अन्य देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात भी की। दुशांबे वार्ता का मकसद पिछले साल अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद कट्टरपंथ व आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने की साझा रणनीति बनाना और वहां से मादक पदार्थों की तस्करी रोकना है।


गुटेरस ने शियाओं पर आतंकी हमले की निंदा की
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने हाल में अफगानिस्तान में मस्जिद और मजार-ए-शरीफ में तीन यात्री वाहनों में शियाओं को निशाना बनाकर किए हमले की निंदा की है। इन चार धमाकों में 16 लोगों की मौत हो गई और 32 घायल हो गए थे। गुटेरस ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जाहिर की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने सभी पक्षों से अल्पसंख्यकों को धार्मिक आजादी का आह्वान दोहराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed