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Bangladesh: बांग्लादेश में इन शहरों में भारतीय वीजा आवेदन केंद्र शुरू; हालात ठीक होने तक सीमित रहेंगी सेवाएं
Mon, 02 Sep 2024 02:58 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 02 Sep 2024 02:58 PM IST
सार
एक अधिकारी ने बताया कि यह सेवाएं तब तक सीमित रहेंगी, जब तक आईवीएसी अपना सामान्य परिचालन फिर से शुरू नहीं कर देता।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : ani
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विस्तार
बांग्लादेश में जारी तनाव के बीच प्रमुख शहरों में भारतीय वीजा आवेदन केंद्रों ने तत्काल चिकित्सा और छात्र वीजा की आवश्यकता वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए सीमित अपॉइंटमेंट स्लॉट की पेशकश शुरू कर दी है। यह सेवा ढाका, चटगांव, राजशाही, सिलहट और खुलना में शुरू की गई। बांग्लादेश में भारतीय वीजा एप्लीकेशन सेंटर (आईवीएसी) ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
आईवीएसी ने कहा, "इन पांच केंद्रों ने तत्काल मामलों के लिए सीमित अपॉइंटमेंट स्लॉट भी खोले हैं, यह बांग्लादेश के उन छात्रों और श्रमिकों जिन्हें किसी तीसरे देश जाना है और वहां भारतीय दूतावास में अपॉइंटमेंट है।" उन्होंने आगे कहा, "यह सेवाएं तब तक सीमित रहेंगी, जब तक आईवीएसी अपना सामान्य परिचालन फिर से शुरू नहीं कर देता।"
बता दें कि बांग्लादेश में 1971 में देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रतता सेनानियों के लिए तय किए आरक्षण के खिलाफ जुलाई में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए और छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की जाने लगी। ये विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि पांच अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। वहीं बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ। इस अंतरिम सरकार की देखरेख में ही अगले कुछ महीनों में चुनाव कराए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस सियासी हंगामे के बाद से ही बांग्लादेश में तनावपूर्ण माहौल है।
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आईवीएसी ने कहा, "इन पांच केंद्रों ने तत्काल मामलों के लिए सीमित अपॉइंटमेंट स्लॉट भी खोले हैं, यह बांग्लादेश के उन छात्रों और श्रमिकों जिन्हें किसी तीसरे देश जाना है और वहां भारतीय दूतावास में अपॉइंटमेंट है।" उन्होंने आगे कहा, "यह सेवाएं तब तक सीमित रहेंगी, जब तक आईवीएसी अपना सामान्य परिचालन फिर से शुरू नहीं कर देता।"
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बता दें कि बांग्लादेश में 1971 में देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रतता सेनानियों के लिए तय किए आरक्षण के खिलाफ जुलाई में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए और छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की जाने लगी। ये विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि पांच अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। वहीं बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ। इस अंतरिम सरकार की देखरेख में ही अगले कुछ महीनों में चुनाव कराए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस सियासी हंगामे के बाद से ही बांग्लादेश में तनावपूर्ण माहौल है।
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