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UK: झूठे मामले में सजा मिलने पर अब भारतीय मूल की पीड़िता से गवाह मांग रहे माफी, महिला ने कहा- मैं गर्भवती...

Wed, 26 Jun 2024 10:30 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 26 Jun 2024 10:30 AM IST
सार

47 साल की सीमा मिश्रा की सजा अप्रैल 2021 में रद्द कर दी गई थी। उस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि महिला को 12 साल पहले गलत आरोपों में दोषी माना गया था। 

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Indian-Origin Woman Wrongly Jailed In UK During Pregnancy Rejects Apology
सीमा मिश्रा - फोटो : एक्स/SEEMA MISHRA

विस्तार

ब्रिटेन से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक भारतीय मूल की आठ सप्ताह की गर्भवती महिला को गलत आरोपों में जेल की सजा काटनी पड़ी थी। यह मामला अब इसलिए सामने आया है क्योंकि इंग्लैंड में एक डाकघर की भारतीय मूल की पूर्व प्रबंधक ने उस इंजीनियर की माफी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, जिसके सबूत के चलते उन्हें दोषी ठहराया गया था।

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12 साल पहले माना था दोषी
47 साल की सीमा मिश्रा की सजा अप्रैल 2021 में रद्द कर दी गई थी। उस समय अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि महिला को 12 साल पहले गलत आरोपों में दोषी माना गया था। बता दें, महिला पर आरोप था कि उसने उप डाकपाल के पद पर कार्यरत होते हुए डाकघर की शाखा से 75 हजार पाउंड चोरी किए थे। 
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कोई नहीं समझ सकता
घोटाले की चल रही जांच को लेकर सीमा ने अदालत में कहा, 'पूर्व फुजित्सु इंजीनियर गैरेथ जेनकिंस ने बहुत देर से माफी मांगी है। वो भी बहुत कम। जेनिकिंस सदियों पहले माफी मांग सकते थे। जिस हालत से मैं गुजरी हूं उसे कोई नहीं समझ सकता।'
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कार्यालय के लोगों को नहीं पता था कि वह...
बता दें, महिला की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई, जब घोटाले की जांच में गैरेथ जेनकिंस ने एक लिखित बयान दिया था कि उन्हें नहीं पता कि मिश्रा सजा के दौरान गर्भवती थीं और इसके बारे में उन्हें कई वर्षों बाद पता चला था। उन्होंने कहा था, 'जो भी हुआ वह बहुत ही दुखद है। मैं उनके साथ जो भी हुआ, उसके लिए मिश्रा और उनके परिवार से सिर्फ माफी ही मांग सकता हूं।'

बता दें,  डाकघर घोटाले में अब पुलिस झूठी गवाही या अदालत से झूठ बोलने को लेकर जांच कर रही है। 15 उप-पोस्टमास्टर मामले में पूर्व इंजीनियर जेनकिंस विशेष गवाह हैं। जांच के शुरू होते ही उन्होंने किसी भी गलत काम में मिश्रा के शामिल होने से इनकार किया था। 

डाकघर के पूर्व प्रबंधक ने भेजा था बधाई का मेल
इससे पहले, सीमा ने डाकघर के पूर्व प्रबंधक निदेशक डेविड स्मिथ द्वारा मांगी गई माफी को भी स्वीकार नहीं किया था। दरअसल, जिस वक्त मिश्रा को दोषी सिद्ध किया गया था, उस समय स्मिथ ने अपनी पूरी टीम को एक बधाई का मेल भेजा था। उनका मानना था कि उन्होंने इस मामले पर कड़ी मेहनत की है।

अब मांग रहे माफी 
स्मिथ ने कहा, 'यह जानते हुए कि मैं अब क्या कर रहा हूं, यह स्पष्ट है कि मेरे ईमेल से सीमा मिश्रा और उनके परिवार को काफी परेशानी हुई होगी और मैं इसके लिए माफी मांगना चाहता हूं। अगर वाकई सीमा ने कुछ ऐसा किया होता और उन्हें गर्वभती होते हुए सजा मिलती तब भी मैं इसे अच्छी खबर नहीं समझता। मुझे नहीं पता था कि वह गर्भवती हैं। मेल भेजने के लिए मुझे खेद है।'

उन्होंने कहा, 'हालांकि ईमेल को देखते हुए मैं उस गुस्से और परेशानी को समझता हूं जो इससे पैदा हुआ होगा और इसके लिए ईमानदारी से माफी मांगता हूं।'

मैं आठ सप्ताह की...
सीमा मिश्रा ने उस समय अप्रैल में कहा था, 'मैं आठ सप्ताह की गर्भवती थी। उन्हें मेरे बेटे से माफी मांगने की जरूरत है। वह बहुत भयानक था। मैं माफी स्वीकार नहीं कर सकती।'

उन्होंने अब कहा, 'मेरी सजा को जब पलटा गया, तब कोई माफी मांगने नहीं आया। अब इन लोगों को अचानक इसलिए एहसास हुआ क्योंकि सार्वजनिक जांच में पेश होना है। इसलिए अब माफी मांग रहे हैं।'

इतने महीने काटने पड़े थे जेल में
मिश्रा को उस समय दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में ब्रॉन्जफील्ड जेल भेज दिया गया था और साढ़े चार महीने जेल में बिताने पड़े। बाद में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक टैग पहने हुए अपने दूसरे बेटे को जन्म दिया। स्मिथ ने जांच को बताया कि मिश्रा को टेस्ट मामले के रूप में इस्तेमाल किया गया था और मामले की सफलता ने दोषपूर्ण होरिजन आईटी लेखा प्रणाली में अधिक विश्वास पैदा किया।

मिश्रा ने कहा, 'वे किसी इंसान पर ऐसी जांच कैसे कर सकते हैं? मैं एक जिंदा इंसान हूं। मैंने सुना है कि मेरे मामले को पहले भी टेस्ट के तौर पर इस्तेमाल किया जा चुका है। लेकिन बार-बार यह सुनना बहुत दुखदायक है। ईमानदारी से कहूं तो इससे मेरा गुस्सा और बढ़ता जा रहा है।'


यूके सरकार ने सैकड़ों उप पोस्टमास्टरों को लाखों डॉलर का मुआवजा दिया है, जिनमें से कई भारतीय मूल के हैं जो दोषपूर्ण होरिजन सॉफ्टवेयर से प्रभावित हुए हैं। इस साल की शुरुआत में, ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने ऐतिहासिक घोटाले में कार्रवाई करने का वादा किया था, जिसमें उप-पोस्टमास्टरों पर धोखाधड़ी का गलत आरोप लगाया गया था।

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