Britain Cabinet: नए PM सुनक की कैबिनेट में सुएला ब्रेवरमैन की हुई वापसी, ट्रस के कई सहयोगियों ने दिया इस्तीफा
पीएम पद ग्रहण करते ही सुनक एक्शन के मूड में आ गए हैं। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल की घोषणा से पूर्व ही ट्रस के मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों से उनका इस्तीफा मांग लिया। बता दें कि भारतीय मूल के ऋषि सुनक मे आज किंग चार्ल्स तृतीय से बकिंघम पैलेस में मुलाकात की थी। जहां किंग ने उन्हें सरकार बनाने के लिए कहा था। इस पर सुनक ने उनसे वादा किया था कि 'काम तुरंत शुरू हो जाएगा।'
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हाल ही में लिज ट्रस के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाली भारतीय मूल की ब्रिटेन की गृहसचिव सुएला ब्रेवरमैन ने नवनियुक्त ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक के मंत्रिमंडल में एक बार फिस से वापसी कर ली है। सुनक ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में गृहसचिव का पद दिया है। गौरतलब है कि पीएम पद ग्रहण करते ही सुनक एक्शन के मूड में आ गए हैं। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल की घोषणा से पूर्व ही ट्रस के मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों से उनका इस्तीफा मांग लिया। बता दें कि भारतीय मूल के ऋषि सुनक मे आज किंग चार्ल्स तृतीय से बकिंघम पैलेस में मुलाकात की थी। जहां किंग ने उन्हें सरकार बनाने के लिए कहा था। इस पर सुनक ने उनसे वादा किया था कि 'काम तुरंत शुरू हो जाएगा।'
सुनक की कैबिनेट में इन लोगों ने की वापसी
ऋषि सुनक ने अपनी कैबिनेट का भी एलान किया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के आधिकारित ट्विटर हैंडल से जानकारी दी गई है कि डोमिनिक राब, जिन्होंने बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाले कैबिनेट में उप प्रधान मंत्री और न्याय सचिव के रूप में कार्य किया था, उन्हें वापस उन्हीं पदों पर बहाल कर दिया गया है। गौरतलब है कि राब ने बीते सप्ताह सुनक को अपना समर्थन देने का वादा किया था। उनके अलावा, ट्रस के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाली सुएला ब्रेवरमैन को गृहसचिव बनाया गया है। वहीं, जेरेमी हंट, जिन्होंने क्वासी क्वार्टेंग की जगह ली है, वित्त मंत्री के रूप में बने रहेंगे। इन तीनों के अलावा, जेम्स क्लीवरली सुनक के वफादार नहीं होने के बावजूद विदेश सचिव के रूप में अपने पद पर बने रहेंगे।
बेन वालेस रक्षा सचिव के पद पर बने हुए हैं और नादिम ज़हावी को टोरी पार्टी के अध्यक्ष और बिना पोर्टफोलियो के मंत्री नियुक्त किया गया है। यूके होम ऑफिस में ब्रेवरमैन के उत्तराधिकारी, ग्रांट शाप्स, अब नए व्यापार सचिव हैं। वही, डाउनिंग स्ट्रीट ने पुष्टि की है कि गिलियन कीगन को शिक्षा राज्य सचिव नियुक्त किया गया है। पेनी मॉरडॉन्ट को हाउस ऑफ कॉमन्स के नेता के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है।
इस्तीफे के लिए इन्हें दिया गया अल्टीमेटम
मिली जानकारी के मुताबिक, सुनक ने अब तक चार मंत्रियों को पद छोड़ने के लिए अल्टीमेटम दे दिया है। सूत्रों ने बताया कि इनमें व्यापार सचिव जैकब रीस-मोग, न्याय सचिव ब्रैंडन लुईस, कार्य और पेंशन सचिव क्लो स्मिथ और विकास मंत्री विक्की फोर्ड शामिल हैं।
भारतीय मूल के सांसद आलोक शर्मा नहीं रहेंगे कैबिनेट कार्यालय मंत्री
इस बीच, गवर्निंग कंजर्वेटिव पार्टी के लिज़ ट्रस और बोरिस जॉनसन गुट के कई लोगों ने सुनक के 10 डाउनिंग स्ट्रीट में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद इस्तीफा दे दिया। भारतीय मूल के सांसद आलोक शर्मा ने अपनी कैबिनेट कार्यालय मंत्री की भूमिका खो दी और केवल COP26 के अध्यक्ष के रूप में बातचीत करने के लिए बने रहेंगे।
एफटीए पर बयान के बाद सुएला ब्रेवरमैन ने हाल ही में दिया था इस्तीफा
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार संधि पर अपने बयान से विवादों में आईं गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह एक तकनीकी नियम में की गई गलती को बताया था जिसमें उन्होंने अपने एक संसदीय सहयोगी को कुछ आधिकारिक दस्तावेज भेजे थे। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि उन्हें पद से हटाया गया है।
सुएला ब्रेवरमैन भारत के साथ होने वाले मुक्त व्यापार संधि को लेकर तीखा बयान देकर चर्चा में आई थीं। कहा गया कि सुएला ब्रेवरमैन द्वारा वीजा ओवरस्टेयर्स पर कार्रवाई को लेकर की गई टिप्पणियों से भारत सरकार के नाराज होने के बाद भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कथित तौर पर टूटने की कगार पर है। ब्रिटेन की एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था। हालांकि इस समझौते को लेकर अभी भी दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
गृह मंत्री ने एफटीए के तहत भारत के लिए ‘खुली सीमाओं’ की पेशकश पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि कई भारतीय वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी ब्रिटेन नहीं छोड़ते जिससे दबाव बढ़ रहा है। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एफटीए के लिए इस साल दिवाली तक की समयसीमा तय की थी। हालांकि, अब इस समय तक समझौता होने की संभावना कम होती जा रही है।
कहा था, समझौते से भारतीयों की संख्या बढ़ सकती है
भारतीय मूल की गृह मंत्री ब्रेवरमैन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्हें डर है कि भारत के साथ व्यापार समझौते से ब्रिटेन में आने वाले भारतीयों की संख्या बढ़ सकती है, जबकि पहले से ही वीजा ओवरस्टेयर्स के सबसे बड़े समूह के रूप में भारतीय शामिल हैं। ब्रेवरमैन ने साप्ताहिक समाचार पत्रिका द स्पेक्टेटर को बताया कि मुझे भारत के साथ खुली सीमाओं वाली आव्रजन नीति को लेकर आपत्ति है क्योंकि मुझे नहीं लगता कि लोगों ने इसके लिए ब्रेक्जिट के पक्ष में मतदान किया था।