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सिंगापुर: भारतीय मूल के व्यक्ति को छह सप्ताह की कैद, अवैध तरीके से जुटाई सहकर्मियों के वेतन की जानकारी

Thu, 14 Sep 2023 08:55 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 14 Sep 2023 08:55 PM IST
सार

Singapore: सिंगापुर के श्रमशक्ति मंत्रालय में काम करने वाले भारतीय मूल के एक अधिकारी को पांच सप्ताह की कैद की सजा सुनाई गई है। उसे डीबीएस बैंक के एक पूर्व सहकर्मी को अपने सहयोगियों के वेतन की जानकारी प्राप्त करने के लिए कहने का दोषी ठहराया गया है।

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Indian-origin man employed in Singapore government jailed for obtaining salary information of colleagues
jail, jail demo - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सिंगापुर के श्रमशक्ति मंत्रालय में काम करने वाले भारतीय मूल के एक अधिकारी को पांच सप्ताह की कैद की सजा सुनाई गई है। उसे डीबीएस बैंक के एक पूर्व सहकर्मी को अपने सहयोगियों के वेतन की जानकारी प्राप्त करने के लिए कहने का दोषी ठहराया गया है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। 

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खबर के मुताबिक, सिंगापुर के नागरिक दिनाथ सिल्वामनी मुथलियार ने डीबीएस बैंक में अपने पूर्व सहयोगी लिओंग यान सिन से ग्राहकों के बारे में सूचना वाले डेटाबेस में प्रोफाइल तक पहुंचने के लिए कहा था। उसे कंप्यूटर दुरुपयोग अधिनियम के तहत चार मामलों में दोषी ठहराया गया।
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लिओंग के पास संग्रह अधिकारी के रूप में अपनी नौकरी के कारण विवरण तक पहुंच थी, जहां उसने बैंक ग्राहकों के सवालों का उत्तर दिया, और बकाया भुगतान और भुगतान योजनाओं के बारे में उनसे बात की। हालांकि, लिओंग को अपने कर्तव्यों के मापदंडों के बाहर जानकारी का खुलासा या उपयोग नहीं करना था।
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दिनाथ भी श्रमशक्ति मंत्रालय (एमओएम) में शामिल होने से पहले एक संग्रह अधिकारी था, जहां वह एक लेवी प्रशासन प्रबंधक था। जून 2018 में दिनाथ ने लिओंग से एमओएम में सहकर्मियों के वेतन विवरण का पता लगाने में मदद करने के लिए कहा, ताकि वह उनकी तुलना अपने स्वयं के साथ कर सके।

अभियोजन पक्ष ने कहा,'आरोपी अपने सहकर्मियों के वेतन का पता लगाना चाहता था ताकि उसके वेतन के संबंध में उसकी स्थिति और उसके वेतन तथा सहकर्मियों के वेतन के बीच अंतर का पता लगाया जा सके।' लिओंग ने जून 2018 और नवंबर 2018 के बीच खोज करने के लिए डीबीएस डेटाबेस पर सहमति जताई और एक्सेस किया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप के जरिए दिनाथ को जानकारी दी। सभी आरोपों में कम से कम सात सहयोगी प्रभावित हुए।

अभियोजन पक्ष ने दfनाथ के लिए छह से सात सप्ताह की जेल की मांग करते हुए कहा कि आरोपी की दोषसिद्धि लिओंग से कम थी, क्योंकि अपराध करते समय दिनाथ भरोसे की स्थिति में था। दिनाथ को कंप्यूटर दुरुपयोग अधिनियम के तहत लियोंग को अनधिकृत तलाशी के लिए उकसाने के चार मामलों और बैंकिंग अधिनियम के तहत लिओंग को ऐसी जानकारी का खुलासा करने के लिए उकसाने के लिए दोषी ठहराया गया है, जिसके लिए वह अधिकृत नहीं था।


खबर में कहा गया है कि उसे सजा सुनाने के लिए इसी तरह के 14 अन्य आरोपों पर विचार किया गया। अदालत ने सुना कि लिओंग और दिनाथ दोनों को उन नियमों के बारे में पता था जो संग्रह अधिकारियों को अनधिकृत तरीके से तीसरे पक्ष को ग्राहक जानकारी का खुलासा करने से रोकते हैं और उन्हें अपने काम के दायरे से बाहर ग्राहक की जानकारी तक पहुंचने की अनुमति नहीं है।

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