सिंगापुर: अजगरों की तस्करी में भारतीय मूल का मलेशियाई ड्राइवर गिरफ्तार, 3600 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना
कई देशों में इसकी त्वचा का पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग होने के कारण और पालतू जानवरों के रूप में बिक्री के लिए इसका शिकार किया जाता है।
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दक्षिणी मलेशिया से सिंगापुर में दो धारीदार अजगरों की तस्करी के लिए एक भारतीय मूल के मलेशियाई ट्रक चालक पर बुधवार को 3,600 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया। चैनल न्यूज एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, 51 वर्षीय पुलेंथिरन पलानीअप्पन को बिना परमिट के संरक्षित प्रजातियों के आयात के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद जुर्माना लगाया गया। धारीदार अजगर एक अजगर प्रजाति है जो दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में पाए जाते हैं। यह दुनिया का सबसे लंबा सांप है। कई देशों में इसकी त्वचा का पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग होने के कारण और पालतू जानवरों के रूप में बिक्री के लिए इसका शिकार किया जाता है।
7 अप्रैल को इमिग्रेशन अथॉरिटी के अधिकारियों ने इन्हें जब्त कर लिया था, जिन्होंने पलानीअप्पन के कंटेनर ट्रक को रोककर जांच की थी। ये दोनों दो अजगर बेहद गंभीर स्थिति में पाए गए थे। वे ड्राइवर की सीट के ऊपर एक डिब्बे में छुपाए गए थे। जांच से पता चला कि पलानीअप्पन सिंगापुर में एक अज्ञात शख्स को जानवरों को पहुंचाने पर सहमत हुआ था। उसे इस काम के लिए 300 मलेशियाई रिंगित 300 (लगभग 68 अमेरिकी डॉलर) का भुगतान किया जाना था। उसने 7 अप्रैल को जोहोर बाहरू में अजगरों वाला बॉक्स लिया और सिंगापुर की एक कंपनी को सीमेंट पहुंचाने के नाम पर ट्रक लेकर चल दिया।
रात में बरामदगी के बाद अगले दिन अजगरों को स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर के मंडई वाइल्डलाइफ ग्रुप लाया गया। संरक्षण, अनुसंधान और पशु चिकित्सा विभाग के एक डॉक्टर ने बताया कि दोनों अजगरों को खराब तरीके से रखने और पर्यावरण से जुड़ी चोटें थीं।