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Indian Ocean Conference 2021 : हिंद महासागर क्षेत्र में हुए कई बदलाव, जयशंकर बोले- अमेरिका की रणनीति बदली
Sat, 04 Dec 2021 10:46 PM IST
सुरेंद्र जोशी
एएनआई, अबूधाबी
एएनआई, अबूधाबी
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 04 Dec 2021 10:46 PM IST
सार
जयशंकर ने कहा कि 2008 के बाद से हमने अमेरिकी ताकत के प्रदर्शन में अधिक सावधानी देखी है। हमने इसके अतिविस्तार को ठीक करने का प्रयास किया है।
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डॉ. एस. जयशंकर
- फोटो : ANI
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विस्तार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अबूधाबी में आयोजित 'हिंद महासागर सम्मेलन 2021 को संबोधित किया। उन्होंने सदस्य देशों से कहा कि कोरोना की वजह से हम थोड़े अंतराल के बाद मिल रहे हैं। इस बीच कई ऐसे घटनाक्रम हुए हैं जिनका हिंद महासागर क्षेत्र की खुशहाली पर सीधा व अच्छा प्रभाव पड़ा है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव हिंद महासागर को लेकर अमेरिका की रणनीति में परिवर्तन है।
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जयशंकर ने कहा कि कई बातें हैं जिन्होंने हाल के वर्षों में हिंद महासागर के विकास को प्रभावित किया है। सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण है इस क्षेत्र को लेकर बदलती अमेरिकी रणनीति। वर्ष 2008 के बाद से हमने अमेरिकी शक्ति के प्रदर्शन में अधिक सावधानी देखी है। उसने इसके अतिविस्तार को ठीक करने का प्रयास किया है। कुल मिलाकर अमेरिका अपने और दुनिया के बारे में यर्थाथवाद की ओर बढ़ रहा है। वह बहुध्रुवीय व्यवस्था व पुनर्संतुलन में समायोजन कर रहा है। अमेरिका अपनी घरेलू पुनर्वास और विश्व के प्रति अपनी वचनबद्धता का पुनर्परीक्षण कर रहा है।
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भारतीय विदेश मंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि रणनीति में बदलाव के कारण अमेरिका हिंद महासागर क्षेत्र में अपने पुरातन सोच की तुलना में ज्यादा सक्रिय साझेदार बना है। उसका इस क्षेत्र में मजबूत दबदबा व असर दिखा है। हमें यह भी ध्यान में रखना होगा कि अमेरिकी राजनीति कैसे खुद में बदलाव की क्षमता रखते हुए अपने आप को नए सिरे से तराशने की काबिलियत रखती है।
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जयशंकर ने कहा कि दूसरा बड़ा बदलाव चीन का उदय है। वैश्विक स्तर पर उसकी सत्ता का उदय असाधारण ढंग से हो रहा है। यह एक अलग तरह की राजनीति है, जो परिवर्तन की भावना को बढ़ाती है। रूस ने भले ही कुछ ऐसी स्थिति कभी पैदा की होगी, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था में कभी भी ऐसी केंद्रीय स्थिति नहीं थी जो आज चीन के पास है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने की यूएई के शीर्ष नेताओं से मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यहां अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद से मुलाकात की और विश्वास व्यक्त किया कि भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
जयशंकर ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ मुलाकात के बाद ट्वीट किया कि आज मुझसे बात करने लिए एक्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का धन्यवाद। शेख मोहम्मद ने संयुक्त अरब अमीरात के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। आगे जयशंकर ने लिखा कि विश्वास है कि हमारी करीबी साझेदारी आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को छुएगी।
यूएई की आधिकारिक डब्ल्यूएएम समाचार एजेंसी ने बताया कि उन्होंने और अतिथि मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और सामान्य हित के विकास पर चर्चा की।
चीन ने हिंद महासागर के विकास को प्रभावित किया
चीन पर बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि हिंद महासागर में चीन का बढ़ता वर्चस्व काफी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चीन के उदय ने हिंद महासागर के विकास को प्रभावित किया है।