मानव तस्करी: भारतीय उच्चायोग ने कहा- मृत पाए गए चार भारतीयों की पहचान हुई, डिंगुचा के ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि कनाडाई अधिकारियों ने चार शवों की पहचान जगदीश बलदेवभाई पटेल (पुरुष), उम्र 39 साल, वैशालीबेन जगदीशकुमार पटेल (महिला), उम्र 37 साल, विहंगी जगदीशकुमार पटेल (महिला), उम्र 11 साल और धार्मिक जगदीशकुमार पटेल (पुरुष), उम्र तीन साल के रूप में की है।
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कनाडा में जिन चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी उनकी पहचान कर ली गई है। इन चार भारतीयों की कथित तौर पर कनाडा और अमेरिका के बीच सीमा पार करने की कोशिश करते हुए ठंड से मौत हो गई थी। कनाडा स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया कि यहां के अधिकारियों ने एक बच्चे सहित चार भारतीयों के परिवार की पहचान की पुष्टि की है।
भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि कनाडाई अधिकारियों ने चार शवों की पहचान जगदीश बलदेवभाई पटेल (पुरुष), उम्र 39 साल, वैशालीबेन जगदीशकुमार पटेल (महिला), उम्र 37 साल, विहंगी जगदीशकुमार पटेल (महिला), उम्र 11 साल और धार्मिक जगदीशकुमार पटेल (पुरुष), उम्र तीन साल के रूप में की है।
उच्चायोग ने बयान में कहा, “19 जनवरी 2022 को मैनिटोबा में कनाडा-अमेरिका सीमा के पास एक शिशु सहित चार लोगों की दुखद मौत के बाद उनके शव बरामद किए गए थे। कनाडा के अधिकारियों ने चारों मृतकों की पहचान की पुष्टि की है। चारों भारतीय नागरिक थे। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। भारतीय उच्चायोग के अधिकारी भी मृतक के परिजनों के संपर्क में हैं और सभी कांसुलर सहायता प्रदान कर रहे हैं।"
गुजरात के रहने वाले थे सभी
उच्चायोग ने बताया कि मृतक परिवार गुजरात के रहने वाले थे और अत्यधिक ठंड की वजह से उनकी मौत हुई थी। भारतीय उच्चायोग ने अपने बयान में आगे कहा कि कनाडा के अधिकारियों ने भी मेडिकल जांच के बाद यह जानकारी दी है कि परिस्थितियों के आधार पर सभी लोगों की मौत बाहरी वातावरण के संपर्क में आने से हुई है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुजरात आपराधिक जांच विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या राज्य के एक परिवार के चार सदस्यों ने स्थानीय एजेंटों की मदद ली थी।
उच्चायोग ने कहा कि चार सदस्यीय परिवार की त्रासदी से मौत ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया है कि प्रवास और गतिशीलता को सुरक्षित और कानूनी बनाया जाए ताकी ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति न हो।
यूएस-कनाडा सीमा के पास मृत पाए गए भारतीय परिवार की पहचान डिंगुचा गांव के निवासी के रूप में हुई। परिवार के एक रिश्तेदार जशवंत पटेल ने बताया कि परिवार ने कनाडा में अंतिम संस्कार करने का फैसला किया है। वहीं, ग्राम तलाटी (पटवारी) के जयेश चौधरी ने बताया कि मुझे पता चला कि आज सुबह कनाडा सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ दिन पहले यूएस-कनाडा सीमा के पास मृत पाए गए एक भारतीय परिवार के चार सदस्यों की पहचान डिंगुचा गांव के निवासी के रूप में की गई है।
जस्टिन ट्रूडो ने सख्त कार्रवाई का वादा किया
इस मामले में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि यह हैरान कर देने वाली खबर है। एक परिवार को इस तरह मरते देखना वाकई दुखद है। इससे भी ज्यादा बुरा है कि लोग उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर मानव तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। यही कारण है कि हम लोगों को अनियमित या अवैध तरीके से सीमा पार करने से हतोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हम जानते हैं कि ऐसा करने में बड़े जोखिम हैं।
ट्रूडो ने कहा कि कनाडा तस्करी रोकने और लोगों को जोखिम से बचाने में मदद करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है। मैनिटोबा रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने बीते गुरुवार को बताया था कि एमर्सन के नजदीक कनाडा-अमेरिका सीमा पर कनाडा की ओर बुधवार (19 जनवरी) को चार शव मिले, जिनमें दो शव वयस्कों के, एक किशोर का और एक शिशु का था। कनाडा का मैनिटोबा प्रांत मिनेसोटा में अमेरिकी सीमा से लगभग 10 किमी दूर है।
डिंगुचा के ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि
वहीं, गुजरात में गांधीनगर जिले के डिंगुचा गांव में शनिवार को लोगों ने एक परिवार के उन चार सदस्यों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी हाल ही में कनाडा-अमेरिका सीमा के पास अत्यधिक ठंड से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने इन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए अपनी दुकानें बंद रखीं और सड़कें भी सुनसान रहीं। यहां से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित गांव के एक स्थानीय पदाधिकारी ने बताया कि काम और दुकानें बंद रखकर ग्रामीण लोग पीड़ित पटेल परिवार के दुख में शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने कहा कि डिंगुचा गांव आज वीरान नजर आया, जहां से पिछले कई दशकों में बड़ी संख्या में लोग विदेश-मुख्य रूप से अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया चले गए हैं। गांव के अधिकतर लोग पाटीदार समुदाय से हैं।