फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Indian and Chinese refiners search for crude oil supplies after US sanctions on Russia

Crude Oil: तेल आपूर्ति के लिए खोज में जुटे भारत-चीन के रिफाइनर, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों का व्यापक असर

Tue, 14 Jan 2025 04:55 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, सिंगापुर/नई दिल्ली
एजेंसी, सिंगापुर/नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 14 Jan 2025 04:55 AM IST
सार

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने दो दिन पहले ही रूसी तेल उत्पादकों गजप्रोम नेफ्ट व सर्गुटनेफ्टेगास के साथ 183 जहाजों पर पाबंदी लगाई है। चीन ने इसका सोमवार को खुलकर विरोध किया है।

विज्ञापन
Indian and Chinese refiners search for crude oil supplies after US sanctions on Russia
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

रूस के तेल उत्पादकों और टैंकरों पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों के बाद मॉस्को से जुड़े शीर्ष ग्राहकों को तेल आयात रुक गया है। नतीजतन, चीन व भारतीय रिफाइनर कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए दुनियाभर में खोजबीन कर रहे हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने दो दिन पहले ही रूसी तेल उत्पादकों गजप्रोम नेफ्ट व सर्गुटनेफ्टेगास के साथ 183 जहाजों पर पाबंदी लगाई है। चीन ने इसका सोमवार को खुलकर विरोध किया है।

विज्ञापन


रूस पर अमेरिका व यूरोपीय देशों का आरोप रहा है कि वह सस्ता तेल बेचकर अरबों डॉलर कमाकर यूक्रेन युद्ध में खपा रहा है। रूस ने कई टैंकरों का उपयोग भारत व चीन को तेल भेजने के लिए किया है क्योंकि पश्चिमी प्रतिबंधों और 2022 में जी-7 द्वारा लगाई गई मूल्य सीमा ने रूसी तेल के व्यापार को यूरोप से एशिया में स्थानांतरित कर दिया। कुछ टैंकरों ने ईरान से भी प्रतिबंधित तेल का कारोबार किया है। चीन ने इन एकतरफा अमेरिकी पाबंदी का विरोध कर व्यापार को बाधित करने का आरोप लगाया है। अब भारत और चीन जैसे देश तेल आपूर्ति पश्चिमी एशिया, अफ्रीका और ब्राजील का बाजार देख रहे हैं।
विज्ञापन


माल ढुलाई दरें बढ़ेंगी
चीन के 2 व्यापार सूत्रों ने कहा, नए प्रतिबंधों से रूसी तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे चीन से स्वतंत्र रिफाइनरों को रिफाइनिंग में कटौती करने पर बाध्य होना पड़ेगा। केप्लर के प्रमुख विश्लेषक मैट राइट ने कहा, नए प्रतिबंधित जहाजों में 143 तेल टैंकर शामिल हैं। ऐसे में माल ढुलाई की दरें बढ़ना तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नए बाजारों से सौदे
नए चीनी रिफाइनर यूलोंग पेट्रोकेमिकल ने फ्रांसीसी ऊर्जा प्रमुख टोटलएनर्जीज की व्यापारिक शाखा टोट्सा से फरवरी-मार्च में अबू धाबी के अपर जकुम क्रूड लोडिंग के 40 लाख बैरल की खरीदी की है। हाल के हफ्तों में अंगोलन और ब्राजीलियाई क्रूड भी खरीदा है। अब पश्चिम अफ्रीका व कनाडा से अधिक तेल खरीदने के लिए चर्चा जारी है। भारतीय रिफाइनरों ने पश्चिम एशिया से कच्चा तेल खरीदा, लेकिन वह अधिक की तलाश में हैं। भारत पेट्रोलियम टोट्सा से फरवरी-लोडिंग ओमान क्रूड की 20 लाख बैरल खरीदी की है।


भारत का रूसी टैंकरों से व्यापार रुका, दो माह तक मिलेगा तेल
भारतीय रिफाइनरों ने अमेरिका द्वारा स्वीकृत तेल टैंकरों और संस्थाओं के साथ काम करना बंद कर दिया है। हालांकि अगले दो माह की बंद अवधि में रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं रहेगी। अधिकारी ने कहा, दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता भारतॉ को अमेरिका द्वारा स्वीकृत टैंकरों को मार्च तक कच्चे तेल की निकासी की अनुमति है। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, भारत 10 जनवरी से पहले बुक किए गए रूसी तेल कार्गो को बंदरगाहों पर उतारने की अनुमति देगा। बाजार प्रतिबंधों पर रूसी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में है। रूस हम तक पहुंचने के रास्ते अवश्य ढूंढेगा। अधिकारी ने कहा, रूस निर्यात जारी रखने के लिए भारत को कच्चे तेल के निर्यात पर गहरी छूट की पेशकश कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed