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भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने शीर्ष कोर्ट से की संजीव भट्ट को जमानत देने की अपील
Wed, 20 Jan 2021 03:40 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 20 Jan 2021 03:40 AM IST
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संजीव भट्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
भारत व अमेरिका में सक्रिय कई नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं एवं संगठनों ने भारतीय सुप्रीम कोर्ट से पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट को जमानत देने की अपील की है।
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इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (आईएएमसी) और ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ के एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में संगठनों और कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि हत्या के एक मामले में भट्ट को दोषी सिद्ध करना पूरी तरह गलत है और ऐसा झूठे साक्ष्यों के आधार पर किया गया।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शशि थरूर ने इस मामले में कहा कि वह भट्ट के साथ हुए अन्याय से व्यथित हैं। समाज के लिए कर्तव्यनिष्ठ होकर सेवा करने और सच बोलने की हिम्मत दिखाने के कारण उन्हें जेल भेज दिया गया।
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थरूर ने कहा, संजीव का मामला उस खराब दौर को दर्शाता है, जिसमें हम रह रहे हैं। यह वह दौर हैं, जहां सभी भारतीयों को संविधान द्वारा प्रदत्त सांविधानिक मूल्य एवं मौलिक अधिकार कई मामलों में कमजोर होते और कई बार ऐसी ताकतों द्वारा छीने जाते भी प्रतीत होते हैं, जो उदार नहीं हैं।
थरूर ने कहा, जिन भारतीयों की अंतरात्मा संजीव भट्ट की तरह जीवित है, उन्हें खड़े होना चाहिए और इस प्रकार की चुनौतियों के खिलाफ लड़ना चाहिए, जो हमारे गणतंत्र के आधार को कमजोर करने का खतरा पैदा कर रही हैं।
वहीं मशहूर वृत्तचित्र फिल्म निर्माता आनंद पटवर्धन ने कहा, भट्ट को इसलिए जेल भेज दिया गया, क्योंकि उन्होंने 2002 में हुए नरसंहार का विरोध किया और इसके खिलाफ आवाज उठाई। समाज को भट्ट की रिहाई के लिए एक अभियान चलाना चाहिए।
इसी तरह शास्त्रीय नृत्यांगना साराभाई ने कहा कि ऐसा नहीं है कि केवल भट्ट के मामले में उनके खिलाफ निश्चित एजेंडा चलाया जा रहा, बल्कि मोदी सरकार के अधिकतर आलोचकों के साथ ऐसा हो रहा।
आईएएमसी के कार्यकारी निदेशक राशिद अहमद ने कहा, भारत सरकार को संजीव भट्ट के मामले का राजनीतिकरण करना बंद कर देना चाहिए और स्वयं राजनीतिक बन चुके न्यायाधीशों के बजाय स्वतंत्र न्यायाधीशों की निगरानी में कानून को अपना काम करने देना चाहिए।