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भारतीयों के 'अमेरिकन ड्रीम्स' को लगा झटका, गरीबी में जी रहे करीब तीन लाख लोग

Sat, 03 Oct 2020 11:40 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 03 Oct 2020 11:40 AM IST
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Indian American Dreams Shattered, nearly three lakh indian american people living in poverty in USA
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

भारत में रहने वाले लोगों की बड़ी संख्या ऐसे व्यक्तियों की है, जिनका सपना अमेरिका में जाकर बसना होता है। हर साल बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिका का रुख करते हैं। इन लोगों का कहना होता है कि वह 'अमेरिकन ड्रीम्स' को पूरा करने के लिए जा रहे हैं। हालांकि, अब अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 

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दरअसल, जॉन हॉपकिंस स्थित पॉल नीत्ज स्कूल ऑफ एडवांस्ड इटंरनेशनल स्टडीज के देवेश कपूर और जश्न बाजवात द्वारा ‘भारतीय-अमेरिकी आबादी में गरीबी’ विषय पर किए गए शोध में सामने आया है कि अमेरिका में रहने वाले 42 लाख भारतीय-अमेरिकियों में से करीब 6.5 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। 
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वहीं, कोरोना महामारी ने यहां रहने वाले भारतीय समुदाय को खासा प्रभावित किया है। इस शोध में सामने आया है कि कोरोना की वजह से भारतीय समुदाय में गरीबी बढ़ने की आशंका है। देवेश कपूर और जश्न बाजवात द्वारा किए गए इस शोध के नतीजों को गुरुवार को इंडियास्पोरा परोपकार सम्मेलन-2020 में जारी किया गया। 
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यह भी पढ़ें: डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन का क्यों बढ़ रहा भारत प्रेम? जानें अमेरिकी चुनावों में भारतीय समुदाय का प्रभाव

देवेश कपूर ने बताया की गरीबी की सबसे अधिक मार बंगाली और पंजाबी भाषी भारतीय अमेरिकी लोगों पर पड़ रही है। इन लोगों में सबसे अधिक गरीबी है। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय में से एक तिहाई श्रम बल का हिस्सा नहीं हैं, जबकि करीब 20 फीसदी लोगों के पास अमेरिकी नागरिकता भी नहीं है। 


20 फीसदी लोगों के पास नहीं है अमेरिकी नागरिकता
इंडियास्पोरा के संस्थापक एमआर रंगास्वामी ने कहा, इस रिपोर्ट के साथ, हम सबसे वंचित भारतीय अमेरिकियों की अवस्था की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए यह उचित समय है कि हमारे समुदाय में मौजूद गरीबी के प्रति जागरूकता पैदा की जाए और इस मुद्दे को उठाया जाए। 

रंगास्वामी ने कहा कि इस शोध से गरीबी के मुद्दे पर भारतीय समुदाय का ध्यान जाएगा और वह कुछ सकारात्मक बदलाव करने की दिशा में कदम उठाएंगे। वहीं, कपूर का कहना है कि इस अध्ययन से भारतीय अमेरिकी समुदाय में दरिद्रता की विस्तृत स्थिति का पता चला है। 

 

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