11 देशों से कोरोना संबंधी जानकारियां साझा करेगा भारत
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कोरोना वायरस से निपटने के लिए दुनियाभर में प्रयास चल रहे हैं। इस क्रम में भारत अमेरिका समेत 11 देशों से कोरोना संबंधी वैज्ञानिक जानकारियां साझा करेगा। भारत इस खतरनाक वायरस से संबंधित वैज्ञानिक जानकारियां साझा करने की अमेरिका की नेतृत्व वाली वैश्विक पहल का हिस्सा है।
अमेरिका और भारत के अलावा ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया इस पहल का हिस्सा हैं। व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति के निदेशक डॉ. केल्विन ड्रोगेमीयर ने बुधवार को इन देशों के विज्ञान मंत्रियों और मुख्य सलाहकारों का दूसरा सम्मेलन बुलाया था।
बैठक के बाद व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पिछले सप्ताह हुए पहले सम्मेलन के बाद हम वैज्ञानिक कूटनीति जारी रखेंगे। दूसरे सम्मलेन के दौरान प्रतिभागी देशों ने दुनियाभर में फैलते कोरोना वायरस से निपटने के लिए समय पर डाटा और महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की।
ड्रोगेमीयर ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए हम सभी की महत्वपूर्ण भूमिका और कर्तव्य हैं। सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले देशों ने कोरोना संबंधित डाटा और जानकारियों को तेजी से एक दूसरे से साझा करने पर जोर दिया। व्हाइट हाउस के मुताबिक, प्रतिभागी देशों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और विश्लेषण को भी समयबद्ध तरीके से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
जी-7 वैश्विक अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने के लिए प्रतिबद्ध
कोरोना वायरस के चलते दुनिया की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। वैश्विक वित्तीय बाजारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। सात अमीर देशों के समूह (जी-7) ने कोरोना वायरस के प्रभाव को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जी-7 के सदस्य देश लगातार एक दूसरेे के संपर्क में हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जी-7 में अमेरिका, कनाडा, यूरोपीय आयोग, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन सदस्य हैं।