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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: ट्रंप ने दिए जल्द डील होने के संकेत, कहा- पहले हुए करारों से होगी बिल्कुल अलग
Wed, 21 Oct 2026 08:34 AM IST
देवेश त्रिपाठी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Wed, 21 Oct 2026 08:34 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका लंबे समय से जारी बातचीत के बाद व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि प्रस्तावित समझौता सामान्य समझौतों से अलग हो सकता है। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता में प्रगति की बात कही।
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत अब निर्णायक मोड़ के करीब पहुंचती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (अमेरिकी समयानुसार) को कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह समझौता सामान्य व्यापार समझौतों से अलग तरह का हो सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के अधिकारियों ने बातचीत में प्रगति को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी व्यापार समझौते को लेकर कहा कि दोनों देश इसके बेहद करीब हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर क्या बोले ट्रंप?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से भारत के साथ समझौते की संभावनाओं के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं। हम समझौता करेंगे। हां, हम इसके काफी करीब हैं।" ट्रंप ने आगे कहा कि यह अब तक किए गए हमारे समझौतों से बिल्कुल अलग तरह का समझौता होगा।
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भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता पर चर्चा
रूबियो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को मुंबई में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की और प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह बैठक मुंबई में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से आयोजित 'यूएस फ्रीडम 250 रिसेप्शन' के दौरान हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और इसे जल्द पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। रूबियो 20 और 21 अक्तूबर को भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। वह जयशंकर के निमंत्रण पर भारत आए हैं। यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह मई में नई दिल्ली आए थे। भारत दौरे के अगले चरण में वह गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां ऊर्जा सहयोग बढ़ाने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।
रूबियो बोले- दोनों देशों के हितों में असाधारण तालमेल
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में रूबियो ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक तालमेल को 'असाधारण' बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास साझेदारी के जरिए 21वीं सदी की दिशा तय करने का अवसर है। रूबियो ने माना कि भारत और अमेरिका हर मुद्दे पर एक जैसी राय नहीं रख सकते और कुछ मामलों में मतभेद भी होंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर उनका तालमेल असाधारण है।
उन्होंने कहा, "दुनिया के कोई भी दो देश हर मुद्दे पर पूरी तरह सहमत नहीं हो सकते। कुछ मुद्दों पर मतभेद भी होंगे। लेकिन उन प्रमुख मुद्दों पर, जो भारत और अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को परिभाषित करते हैं, दोनों देशों के बीच तालमेल असाधारण है।"
रूबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका को भारत के साथ अधिक नियमित रूप से कूटनीतिक बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने भारत को अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक साझेदारों में से एक बताया। मुंबई के आर्थिक और कारोबारी महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शहर में कई ऐसी कंपनियां हैं, जो अमेरिका में निवेश करती हैं और उसके साथ व्यापार करती हैं।
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यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के अधिकारियों ने बातचीत में प्रगति को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी व्यापार समझौते को लेकर कहा कि दोनों देश इसके बेहद करीब हैं।
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर क्या बोले ट्रंप?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से भारत के साथ समझौते की संभावनाओं के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं। हम समझौता करेंगे। हां, हम इसके काफी करीब हैं।" ट्रंप ने आगे कहा कि यह अब तक किए गए हमारे समझौतों से बिल्कुल अलग तरह का समझौता होगा।
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भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता पर चर्चा
रूबियो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को मुंबई में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की और प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह बैठक मुंबई में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से आयोजित 'यूएस फ्रीडम 250 रिसेप्शन' के दौरान हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और इसे जल्द पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। रूबियो 20 और 21 अक्तूबर को भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। वह जयशंकर के निमंत्रण पर भारत आए हैं। यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह मई में नई दिल्ली आए थे। भारत दौरे के अगले चरण में वह गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां ऊर्जा सहयोग बढ़ाने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।
रूबियो बोले- दोनों देशों के हितों में असाधारण तालमेल
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में रूबियो ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक तालमेल को 'असाधारण' बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास साझेदारी के जरिए 21वीं सदी की दिशा तय करने का अवसर है। रूबियो ने माना कि भारत और अमेरिका हर मुद्दे पर एक जैसी राय नहीं रख सकते और कुछ मामलों में मतभेद भी होंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर उनका तालमेल असाधारण है।
उन्होंने कहा, "दुनिया के कोई भी दो देश हर मुद्दे पर पूरी तरह सहमत नहीं हो सकते। कुछ मुद्दों पर मतभेद भी होंगे। लेकिन उन प्रमुख मुद्दों पर, जो भारत और अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को परिभाषित करते हैं, दोनों देशों के बीच तालमेल असाधारण है।"
रूबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका को भारत के साथ अधिक नियमित रूप से कूटनीतिक बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने भारत को अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक साझेदारों में से एक बताया। मुंबई के आर्थिक और कारोबारी महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शहर में कई ऐसी कंपनियां हैं, जो अमेरिका में निवेश करती हैं और उसके साथ व्यापार करती हैं।