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USISPF: 'अमेरिका और भारत एक दूसरे के हाइड्रोजन मिशन को समर्थन दे रहे', यूएसआईएसपीएफ प्रमुख का बयान
Wed, 09 Oct 2024 09:50 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 09 Oct 2024 09:50 AM IST
सार
मंगलवार को हाइड्रोजन दिवस के मौके पर उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के ध्वजवाहक देशों के रूप में उभर रहे हैं।
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हाइड्रोजन मिशन के तहत काम कर रहे भारत-अमेरिका
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अमेरिका के भारत केंद्रित समूह के प्रमुख का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के लिए भारत और अमेरिका ध्वजवाहक देशों के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की प्राथमिकता में हाइड्रोजन मिशन है। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और व्यवसायिक सहयोग के लिए बने समूह यूएसआईएसपीएफ (US India Strategic and Partnership Forum (USISPF)) के सीईओ मुकेश अघी ने ये बात कही।
हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के विकास के लिए मिलकर काम कर रहे भारत-अमेरिका
मंगलवार को हाइड्रोजन दिवस के मौके पर उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के ध्वजवाहक देशों के रूप में उभर रहे हैं। इसके तहत दोनों देश रणनीतिक स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को बढ़ा रहे हैं। साथ ही अक्षय ऊर्जा सप्लाई चेन, वित्त, निवेश और अनुसंधान के जरिए सहयोग को बढ़ाया जा रहा है। भारत और अमेरिका का मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा और दुनिया से कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था की भूमिका अहम है।
हाइ्ड्रोजन दिवस पर भारत सरकार ने आयोजित किया कार्यक्रम
अघी ने कहा कि 'दोनों देशों ने हाइड्रोजन को अपनी प्राथमिकता बना लिया है। दोनों देश सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सहयोग से हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं, जिससे रोजगार के पर्याप्त अवसर प्राप्त होंगे।' भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजय यादव ने कहा कि हाइड्रोजन दिवस समारोह नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें अमेरिका एक भागीदार देश रहा। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन में वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई। हम भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और प्रौद्योगिकी के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। हम कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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क्या काम करता है यूएसआईएसपीएफ
जून 2021 में, अमेरिकी ऊर्जा विभाग और भारत के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के साथ मिलकर यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक क्लीन एनर्जी पार्टनरशिप (SCEP) के तहत यूएस-इंडिया हाइड्रोजन टास्क फोर्स की शुरुआत की। ये टास्क फोर्स दोनों देशों के पचास से अधिक प्रमुख उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और शिक्षाविदों को एक साथ लाता है और इसका उद्देश्य स्वच्छ हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाना है। पिछले महीने, एमएनआरई ने दिल्ली में दूसरा अंतर्राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें यूएस डीओई एक प्रमुख भागीदार था - 8,500 से अधिक उपस्थित लोगों ने भाग लिया, और इसमें टास्क फोर्स ने चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की।
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हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के विकास के लिए मिलकर काम कर रहे भारत-अमेरिका
मंगलवार को हाइड्रोजन दिवस के मौके पर उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के ध्वजवाहक देशों के रूप में उभर रहे हैं। इसके तहत दोनों देश रणनीतिक स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को बढ़ा रहे हैं। साथ ही अक्षय ऊर्जा सप्लाई चेन, वित्त, निवेश और अनुसंधान के जरिए सहयोग को बढ़ाया जा रहा है। भारत और अमेरिका का मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा और दुनिया से कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था की भूमिका अहम है।
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हाइ्ड्रोजन दिवस पर भारत सरकार ने आयोजित किया कार्यक्रम
अघी ने कहा कि 'दोनों देशों ने हाइड्रोजन को अपनी प्राथमिकता बना लिया है। दोनों देश सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सहयोग से हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं, जिससे रोजगार के पर्याप्त अवसर प्राप्त होंगे।' भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अजय यादव ने कहा कि हाइड्रोजन दिवस समारोह नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें अमेरिका एक भागीदार देश रहा। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन में वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई। हम भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और प्रौद्योगिकी के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। हम कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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क्या काम करता है यूएसआईएसपीएफ
जून 2021 में, अमेरिकी ऊर्जा विभाग और भारत के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के साथ मिलकर यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक क्लीन एनर्जी पार्टनरशिप (SCEP) के तहत यूएस-इंडिया हाइड्रोजन टास्क फोर्स की शुरुआत की। ये टास्क फोर्स दोनों देशों के पचास से अधिक प्रमुख उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और शिक्षाविदों को एक साथ लाता है और इसका उद्देश्य स्वच्छ हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाना है। पिछले महीने, एमएनआरई ने दिल्ली में दूसरा अंतर्राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें यूएस डीओई एक प्रमुख भागीदार था - 8,500 से अधिक उपस्थित लोगों ने भाग लिया, और इसमें टास्क फोर्स ने चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की।