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UN में भारत का पाकिस्तान पर प्रहार: कहा- पहले आतंक और अस्थिरता फैलाना बंद करे, पूछा- FATF से डर क्यों?

Wed, 01 Jul 2026 06:24 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 01 Jul 2026 06:24 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एफएटीएफ की विश्वसनीयता का बचाव करते हुए आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। भारत ने वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने, आतंकवाद के वित्तपोषण पर सख्त कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के पालन पर जोर दिया।

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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी - फोटो : ANI

विस्तार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की देशों की कोशिशें उनके जांच-पड़ताल के डर को दिखाती हैं। भारत ने ऐसे देशों से अपील की कि वे अस्थिरता फैलाना बंद करें और अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए होने देने से रोकें। भारत ने जोर देकर कहा, एफएटीएफ वैश्विक आतंक-रोधी पहल के वित्तपोषण और धन शोधन-रोधी ढांचे का अनिवार्य स्तंभ बना हुआ है।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने ‘बदलते खतरों और उभरती प्रौद्योगिकी के दौर में आतंकी वित्तपोषण से निपटने के साझा प्रयास’ विषय पर यह बात कही। यहां आयोजित 2026 आतंकवाद रोधी सप्ताह से इतर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, एफएटीएफ का कार्य तकनीकी, साक्ष्य-आधारित व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य मानकों पर आधारित है। इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाना वास्तविक चिंताओं के बजाय जांच-पड़ताल के डर को दर्शाता है। कार्यक्रम का आयोजन यूएन में भारत-फ्रांस के स्थायी मिशनों, आतंकवादरोधी समिति आदि के लिए वैश्विक इंटरनेट फोरम ने मिलकर किया। हरीश ने कहा कि कई दशकों से भारत, सीमापार आतंकवाद का सामना कर रहा है। 
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वित्तीय पारदर्शिता में सुधार करें
हरीश ने कहा, जिन देशों का मूल्यांकन प्रतिकूल रहा है उन्हें पहचानी गई कमियों को दूर करना चाहिए। साथ ही घरेलू स्तर पर नियमों को सख्ती से लागू कर वित्तीय पारदर्शिता में सुधार करना चाहिए और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अपरिवर्तनीय कार्रवाई दिखानी चाहिए। वह बोले, एफएटीएफ की जांच का जवाब संयुक्त राष्ट्र के मंचों पर राजनीतिक सक्रियता दिखाकर नहीं बल्कि नियमों का सही ढंग से पालन करके देना चाहिए।
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अपनी जमीन पर आतंकवाद रोकें
भारत की तरफ से हरीश ने यूएन में कहा- जो देश अपनी जमीन, संस्थानों या वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए होने देते हैं उन्हें अस्थिरता फैलाना बंद करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय शांति-सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना शुरू करना चाहिए। पाकिस्तान 2018 से एफएटीएफ की ‘ग्रे सूची’ में था लेकिन 2022 में उसे हटा दिया गया। हरीश ने कहा, वह आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर कोई सैद्धांतिक बात नहीं कर रहे हैं।
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