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यूक्रेन संकट: बाइडन बोले- पुतिन के खिलाफ उठाए गए सख्त कदम, लेकिन भारत का रुख रहा अस्थिर
Tue, 22 Mar 2022 06:36 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 22 Mar 2022 06:36 PM IST
सार
बाइडन ने सोमवार को सीईओ के एक व्यापार गोलमेज सम्मेलन में कहा कि अमेरिका के सहयोगियों ने रूस के खिलाफ सख्त रुख दिखाया, नाटो भी एकजुट रहा, लेकिन भारत का रुख इस दौरान अस्थिर दिखा।
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जो बाइडन और पीएम मोदी
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के खिलाफ समर्थन दिखाने के मामले में भारत कुछ हद तक अस्थिर हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका के अधिकांश दोस्तों और सहयोगियों ने व्लादिमीर पुतिन की आक्रामकता से निपटने के मामले में एक एकजुटता दिखाई है। 24 फरवरी को रूसी सेना ने यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसके तीन दिन बाद मॉस्को ने यूक्रेन के अलग-अलग क्षेत्रों डोनेट्स्क और लुहान्स्क को स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता दी थी।
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नाटो को विभाजित नहीं कर सके पुतिन
बाइडन ने सोमवार को सीईओ के एक व्यापार सम्मेलन में कहा कि एक बात का मुझे विश्वास है, पुतिन को अच्छी तरह से जानने के साथ-साथ मुझे लगता है वह नाटो को विभाजित करने का भरोसा कर रहे थे। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि नाटो पूरी तरह से शांत और एकजुट रहेगा। मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि नाटो अपने पूरे इतिहास में आज की तुलना में कभी भी इतना मजबूत या अधिक एकजुट नहीं हुआ है और ऐसा पुतिन की वजह से हुआ है।
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जापान और ऑस्ट्रेलिया रहे मजबूत
बाइडन ने कहा, लेकिन उनकी आक्रामकता के जवाब में हमने पूरे नाटो और प्रशांत क्षेत्र में एक संयुक्त मोर्चा बनाया है। क्वाड है, जिसमें भारत के कुछ हद तक अस्थिर होने के संभावित अपवाद हैं। लेकिन जापान और ऑस्ट्रेलिया पुतिन की आक्रामकता से निपटने के मामले में बेहद मजबूत हैं। पिछले महीने बाइडन ने कहा था कि भारत और अमेरिका यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रामकता के मुद्दे पर अपने मतभेदों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
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आपके कदमों से फर्क पड़ा है
बाइडन ने कहा, हमने पूरे नाटो और प्रशांत क्षेत्र में एक संयुक्त मोर्चा बनाकर दिखाया और आपने रूसी अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंध लगाने और उसके कीमत चुकाने के लिए बहुत कुछ किया। अब हम देख रहे हैं कि यह मायने रखता है। यह वास्तव में महत्वपूर्ण था कि आप सभी ने क्या किया है। आप में से हर एक ने नहीं, लेकिन मैं ऐसा नहीं कह रहा कि आप सभी को करना ही होगा। लेकिन आप में से जिन्होंने भी कदम उठाया, उससे बहुत फर्क पड़ा।
सीईओ गोलमेज सम्मेलन में बाइडन के अलावा ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन, वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन, वरिष्ठ सलाहकार सेड्रिक रिचमंड और राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक ब्रायन डीज शामिल हुए। इन्होंने ऊर्जा, भोजन और विनिर्माण सहित कई उद्योगों में प्रमुख कंपनियों के 16 सीईओ के साथ मुलाकात की। इन्हें यूक्रेन के खिलाफ पुतिन के अकारण और अनुचित युद्ध पर ताजा घटनाक्रम की जानकारी दी गई।