Bali: जी-20 बैठक के मौके पर कई देशों के विदेश मंत्रियों से मिले जयशंकर, आपसी रिश्तों को दी मजबूती
जयशंकर ने आज अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री नलेदी पंडोर से भी मुलाकात की।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार को बाली में व्यस्त रहे। उन्होंने यहां कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ मुलाकात कर आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया। जयशंकर जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने इंडोनेशियों के बाली पहुंचे हैं।
जयशंकर व सेनेगल के विदेश मंत्री एसाता टाल साल टाल साल ने कृषि, स्वास्थ्य और उर्वरक उत्पादन सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, 'सेनेगल के विदेश मंत्री टाल साल के साथ उपयोगी बैठक की। हम कृषि, स्वास्थ्य, उर्वरक उत्पादन, रेलवे, बिजली और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।'
मैक्सिको के विदेश मंत्री कासाबोन से मिले
उन्होंने मैक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड कासाबोन से भी मुलाकात की। इसके बाद जयशंकर ने ट्वीट कर लिखा, 'दोनों देशों ने अंतरिक्ष, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स हमारे विस्तारित सहयोग का उल्लेख किया। हमारे बढ़ते व्यापार का स्वागत किया गया।'
जयशंकर ने आज अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री नलेदी पंडोर से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा, 'अर्जेंटीना के विदेश मंत्री से मिलकर अच्छा लगा। नई दिल्ली और म्यूनिख में हमारी हालिया बैठकों का जिक्र करते हुए उन्होंने यह बात कही।
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक अन्य ट्वीट में लिखा,'दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री नलेदी पंडोर को बाली में देखकर अच्छा लगा। जी 20 बैठक में उन्हें सुनने के लिए उत्सुक हूं।' विदेश मंत्री ने बाली में यूरोपीय विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल से भी मुलाकात की, जहां उन्होंने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता सहित अन्य द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति को स्वीकार करने के साथ-साथ यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा की।
जी-20 में हैं ये देश
G-20 देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं।
जी-20 सम्मेलन से पहले वांग यी से मिले विदेश मंत्री जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विवाद के सभी मुद्दों का जल्द समाधान निकालने के लिए कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि द्विपक्षीय संबंध आपसी आदर, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हितों पर आधारित होना चाहिए।
जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने इंडोनेशिया के बाली पहुंचे जयशंकर ने सम्मेलन से इतर एक घंटे तक वांग यी से वार्ता की। दोनों नेता लद्दाख में सीमा विवाद सुलझाने के लिए सैन्य वार्ता के अगले दौर को लेकर आशान्वित हैं। विदेश मंत्री ने कुछ इलाकों में सेना वापसी की उपलब्धि की चर्चा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इस वातावरण को बनाए रखते हुए बचे हुए इलाकों से भी सेना की वापसी होनी चाहिए ताकि सीमा पर शांति कायम हो सके।
विदेश मंत्रालय ने वार्ता की जानकारी देते हुए कहा, विदेश मंत्री ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर सभी समस्याओं के जल्द समाधान पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने सीमा से जुड़े मसलों पर विदेश मंत्री ने द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किए जाने की बात कही। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच पहले हुई वार्ताओं में बनी सहमति का भी पालन करने के लिए कहा।
सीमा पर शांति सुनिश्चित करने में दोनों देश सक्षम : चीन
जयशंकर और वांग यी की मुलाकात के बाद चीन ने कहा है कि सीमा पर हालात स्थिर है और दोनों देश शांति कायम रखने में सक्षम हैं। दोनों विदेश मंत्रियों की बातचीत के ब्योरे के बारे में पत्रकारों के सवाल पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने इस बारे में बाद में जानकारी दी जाएगी।
भारतीय छात्रों के जल्द चीन लौटने पर जोर
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, जयशंकर ने भारतीय छात्रों को पढ़ाई शुरू करने जल्द से जल्द चीन लौटने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। इस मामले में पिछली कई मुलाकातों के बाद भी अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है। चीन में कोरोना संबंधी प्रतिबंधों के कारण भारतीय छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने पिछले दो साल से चीन नहीं लौट पा रहे हैं। भारत ने चीन के सामने यह मसला कई बार उठाया है।
करीब 23 हजार भारतीय छात्रों ने चीन के विश्वविद्यालयों में खासकर डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया हुआ है। कोरोना शुरू होने के बाद मची अफरातफरी में वे स्वदेश लौटे लेकिन उसके बाद से चीन उन्हें पढ़ाई पूरी करने लौटने की अनुमति नहीं दे रहा है। लाखों रुपये कर्ज लेकर चीन के कॉलेजों में फीस भरने के बाद भी ये छात्र अपनी डिग्री से दूर हैं।
जयशंकर ने दोनों देशों के बीच नियमित उड़ानों की शुरुआत करने पर भी जोर दिया। कोरोना के कारण बंद हुई उड़ानें फिर शुरू करने में चीन की ओर से आनाकानी हो रही है।
कश्मीर में बैठक पर अटकलें न लगाएं चीन-पाक
जम्मू-कश्मीर में जी-20 बैठक करवाने की भारत की योजना संबंधी रिपोर्ट पर चीन और पाकिस्तान के चिंता जताने को लेकर बागची ने कहा कि अभी इस मुद्दे पर अटकलें लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रवक्ता ने कहा कि इस समूह की अध्यक्षता करने के नाते भारत के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम होंगे। एजेंसी