UNSC अस्थायी सदस्यता मामला: भारत की बड़ी जीत, 55 देशों के साथ पाक का भी मिला साथ
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संयुक्त राष्ट्र में भारत को एक बड़ी राजनयिक जीत मिली है। एशिया-पैसिफिक ग्रुप संयुक्त राष्ट्र ने सर्वसम्मति से 2021/22 में 2 साल के कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। भारत की कूटनीतिक गोलबंदी कुछ ऐसी रही कि पाकिस्तान को भी उसकी सदस्यता का समर्थन करना पड़ा।
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2021-2022 के कार्यकाल के लिए 15-नेशन काउंसिल के पांच अस्थायी सदस्यों के लिए चुनाव अगले साल जून के आसपास होंगे।
यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट करते हुए कहा, "एक सर्वसम्मत कदम। एशिया-पैसिफिक ग्रुप ने सर्वसम्मति से भारत की 2021/22 में दो साल के कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट के लिए उम्मीदवारी का सर्वसम्मति से समर्थन किया है। सभी 55 सदस्यों का इस समर्थन के लिए धन्यवाद।"
A unanimous step.
— Syed Akbaruddin (@AkbaruddinIndia) June 26, 2019
Asia-Pacific Group @UN unanimously endorses India’s candidature for a non-permanent seat of the Security Council for 2 year term in 2021/22.
Thanks to all 55 members for their support. 🙏🏽 pic.twitter.com/ekNhEa19U1
उन्होंने इस ट्वीट के साथ एक वीडिया भी शेयर किया। जिन 55 देशों ने भारत का समर्थन किया है, उनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कुवैत, किर्गिजस्तान, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, सीरिया, तुर्की, यूएई और वियतनाम का नाम शामिल है।
हर साल 193 सदस्यों वाली जनरल असेंबली यूएन हाई टेबल पर दो साल के कार्यकाल के लिए पांच अस्थायी सदस्यों का चुनाव करते हैं। परिषद के पांच स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका हैं। वहीं दस अस्थायी सीटों का वितरण क्षेत्रीय आधार पर किया जाता है। इनमें पांच सीट अफ्रीकी और एशियाई राज्यों, एक सीट पूर्वी यूरोपियन राज्यों, दो सीट लातिनी अमेरिकी और कैरेबियन राज्यों और दो सीट पश्चिमी यूरोपियन और अन्य राज्यों के लिए होती हैं।
इससे पहले भारत का अस्थायी सदस्य के तौर पर चुनाव साल 1950/1951, 1967/1968, 1972/1973, 1977/1978, 1984/1985, 1991/1992 और हाल ही में पूर्व राजदूत हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में साल 2011/2012 में हुआ था।
फिलहाल दस अस्थायी सदस्य बेल्जियम, कोटे डी आइवर, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर गुनिया, जर्मनी, इंडोनेशिया, पेरु, कुवैत, पोलैंड और दक्षिण अफ्रीका हैं। सुरक्षा परिषद के सुधार में लंबे समय से भारत अहम भूमिका निभाता आ रहा है। जिसके चलते वह स्थायी सीट का हकदार है।
इससे पहले यूएन में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि अशोक कुमार मुखर्जी ने कहा था कि भारत 2021-2022 के कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट पर चुनाव लड़ेगा।
किन देशों के पास है पावर?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें पांच स्थायी और दस अस्थायी होते हैं। स्थायी सदस्यों को वीटो पावर प्राप्त होती है। वीटो पावर किसी भी फैसले में बेहद अहम भूमिका निभाती है।अगर इन पांच स्थायी सदस्यों में से कोई एक सदस्य भी किसी फैसले पर रोक लगा दे तो उस फैसले को ही रोक दिया जाता है। जैसा मसूद अजहर मामले में चीन ने किया था। उसने कई बार मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचाया था।