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United Nations: अफगानिस्तान संकट पर संयुक्त राष्ट्र ने बुलाई बैठक, भारत भी ले रहा भाग, तालिबान को न्योता नहीं
Tue, 02 May 2023 03:17 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 02 May 2023 03:17 AM IST
सार
बैठक में चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, नॉर्वे, पाकिस्तान, कतर, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका, उज्बेकिस्तान, यूरोपीय संघ और इस्लामी सहयोग संगठन भाग ले रहे हैं।
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संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
- फोटो : social media
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को कतर की राजधानी दोहा में अफगानिस्तान पर बैठक बुलाई, इसमें भारत भी विभिन्न देशों के विशेष दूतों के साथ भाग ले रहा है। बैठक का उद्देश्य तालिबान के साथ संवाद को लेकर एक आम समझ विकसित करना है। वहीं इस वार्ता के लिए अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को आमंत्रित नहीं किया गया है।
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महासचिव के कार्यालय से यहां जारी एक नोट में कहा गया है कि बैठक का उद्देश्य कई मुद्दों पर तालिबान के साथ कैसे जुड़ना है, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भीतर एक आम समझ हासिल करना है। नोट में कहा गया है कि भारत बैठक में भाग लेने वाले देशों और संगठनों में शामिल है।
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25 देश ले रहे भाग
बैठक में चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, नॉर्वे, पाकिस्तान, कतर, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका, उज्बेकिस्तान, यूरोपीय संघ और इस्लामी सहयोग संगठन भाग ले रहे हैं।
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गुटेरेस के कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस आयोजन का उद्देश्य, मानवाधिकार, विशेष रूप से महिलाओं व लड़कियों के अधिकार, शासन व्यवस्था, आतंकवाद निरोधक व मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अहम मुद्दों पर अन्तरराष्ट्रीय सम्पर्क व बातचीत में नए सिरे से ऊर्जा का संचार करना है।
अफगानिस्तान की स्थिति बेहद दयनीय
अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के कब्जे के बाद से ही, अफगान महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों के लिए गहरा संकट है, और सार्वजनिक व दैनिक जीवन यानि नौकरी में उनकी भागेदारी को रोका गया है। इसके अलावा, महिलाओं को संयुक्त राष्ट्र और गैर-सरकारी संगठनों के लिए काम करने से भी रोकने के आदेश जारी किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान में दो करोड़ 90 लाख लोग मानवीय सहायता पर निर्भर हैं।
पिछले हफ्ते महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा था कि गुटेरेस ने दोहा बैठक के लिए तालिबान को निमंत्रण नहीं दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले महीने कहा था कि भारत दोहा बैठक को "सकारात्मक" रूप से देख रहा है और 1 मई और 2 मई से होने वाली बैठक में भाग लेने का आह्वान करेगा।
बता दें कि जयशंकर ने पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में गुटेरेस से मुलाकात की थी और गुयाना, पनामा, कोलंबिया और डोमिनिकन गणराज्य की नौ दिवसीय यात्रा के लिए दक्षिण अमेरिका जाने से पहले सूडान की स्थिति पर चर्चा की थी।