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US: 'भारत विविधताओं का घर, धार्मिक स्वतंत्रता पर जारी रहेगा समर्थन', अमेरिका का एलान
Wed, 07 Dec 2022 08:30 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 07 Dec 2022 08:30 AM IST
सार
नेड प्राइस ने कहा, भारत निश्चित रूप से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह अगल-अगल विश्वासों व मान्यताओं की एक महान विविधता का घर है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर हमारी वार्षिक रिपोर्ट में कुछ ऐसी चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
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अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस
- फोटो : twitter@ANI
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विस्तार
संयुक्त राज्य अमेरिका ने धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भारत की सराहना की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने मंगलवार को कहा, दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र वाला देश भारत, विभिन्न मान्यताओं की विविधता वाला घर है। उन्होंने कहा, सभी की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता के लिए वह भारत का प्रोत्साहित करना जारी रखेगा।
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नेड प्राइस ने कहा, भारत निश्चित रूप से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह अगल-अगल विश्वासों व मान्यताओं की एक महान विविधता का घर है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर हमारी वार्षिक रिपोर्ट में कुछ ऐसी चिंताएं व्यक्त की गई हैं, जिन पर ध्यान देना आवश्यक है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, हम भारत सहित सभी देशों में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति की निगरानी करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत एक स्थायी परियोजना के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
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दरअसल, हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका ने चीन, पाकिस्तान और म्यांमार सहित 12 देशों को धार्मिक स्वतंत्रता की वर्तमान स्थिति के लिए विशेष चिंता वाले देशों के रूप में नामित किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि दुनिया भर में सरकारें और गैर-सरकारी तत्व लोगों को उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर परेशान करते हैं। उन्हें डराया जाता है और जेल में डाला जाता है।
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