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रोहिंग्याओं की बांग्लादेश से वापसी में भारत का बड़ा हित
Sun, 28 Feb 2021 01:09 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 28 Feb 2021 01:09 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति
- फोटो : ANI
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भारत ने विस्थापित रोहिंग्या मुसलमानों के बांग्लादेश से म्यांमार जल्द लौटने पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की अनौपचारिक बैठक में भारत के यूएन में स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि इस मुद्दे के समाधान में उसका सबसे बड़ा हित है क्योंकि यह एकमात्र देश है जिसकी दोनों देशों से लंबी सीमा लगती है।
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म्यांमार के हालात पर संयुक्त राष्ट्र ने कहा, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि देश में हुई हालिया घटनाओं से अभी तक हुई प्रगति में बाधा न पहुंचे। बता दें कि बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में 11 लाख से अधिक रोहिंग्या रह रहे हैं, जो 2017 में सैन्य कार्रवाई के बाद म्यांमार से भागे थे।
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म्यांमार के रखाइन प्रांत से विस्थापित रोहिंग्याओं पर तिरुमूर्ति ने कहा कि विस्थापित लोगों की वापसी के मुद्दे को सुलझाने में भारत का सबसे बड़ा हित है क्योंकि यह एकमात्र ऐसा देश है जिसकी बांग्लादेश और म्यांमार से लंबी सीमा लगती है।
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उन्होंने इस मुद्दे के जल्द समाधान की जरूरत पर बल देते हुए कहा, हम अपने सहयोगियों की लगातार काउंसलिंग कर रहे हैं। विस्थापित लोगों को म्यांमार के रखाइन प्रांत स्थित उनके घरों में सुरक्षित व जल्द वापसी के लिए भारत, बांग्लादेश और म्यांमार की सरकारों के साथ काम करना जारी रखेगा।
यूएनएचआरसी की विफलताओं का आकलन करने का समय
भारत ने कहा है कि यह समय मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की उपलब्धियों, विफलताओं का आकलन करने और संयुक्त राष्ट्र को मजबूत करने तथा उसमें सुधार के तरीकों पर विचार करने का है।
मानवाधिकार परिषद के 46वें सत्र में उच्चायुक्त मिशेल बैशलेट के मौखिक अपडेट का जवाब देते हुए, भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत इंद्र मणि पांडेय ने कहा, ऐसा इसलिए ताकि संयुक्त राष्ट्र को अपने उद्देश्यों की प्राप्ति करने में मदद मिल सके।