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UN: 'आतंकवाद पर सख्त, लेकिन जनता के लिए मानवीय सहयोग जारी': अफगानिस्तान पर भारत ने जताई अपनी प्रतिबद्धिता

Thu, 18 Sep 2025 04:25 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 18 Sep 2025 04:25 AM IST
सार

पी हरीश ने अपने संबोधन में कहा कि हाल ही में अफगानिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप के बाद सबसे पहले मदद भेजने वाले देशों में भारत शामिल था। भारत ने तुरंत 1,000 फैमिली टेंट और 15 टन खाद्य सामग्री प्रभावित इलाकों में पहुंचाई। इसके अलावा 21 टन राहत सामग्री, जिसमें दवाइयां, स्वच्छता किट, कंबल और जनरेटर शामिल थे, भेजी गई। उन्होंने कहा कि भारत लगातार आपदा पीड़ितों की मदद कर रहा है।

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India expressed its commitment to Afghanistan at UN, said it will continue humanitarian assistance to people
संयुक्त राष्ट्र में बोलते भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश - फोटो : पीटीआई

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने बुधवार को अफगानिस्तान को लेकर भारत की प्राथमिकताओं को साफ किया है। उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास को मजबूत करना है। उन्होंने भारत की प्रतिबद्धिता को दोहराते हुए कहा कि भारत मानवीय सहायता, क्षमता निर्माण और आतंकवाद से निपटने के लिए सक्रिय रूप से योगदान करता रहेगा। 

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संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान की प्रमुख रोजा ओटुनबायेवा द्वारा दी गई आखिरी ब्रीफिंग के अवसर पर उनके नेतृत्व और सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पद पर उनके अंतिम कार्यकाल के रूप में, मैं इस एजेंसी का नेतृत्व करने के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहता हूं। हम उनके घनिष्ठ सहयोग को महत्व देते हैं और भविष्य में यूएनएएमए के साथ इसे आगे बढ़ाने की आशा करते हैं।  उन्होंने बताया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सभ्यतागत और ऐतिहासिक संबंध हैं, जो दोनों देशों की मित्रता को और गहराई देते हैं। इसी आधार पर भारत अफगान जनता के साथ घनिष्ठ जुड़ाव को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सहयोग बेहद जरूरी है और भारत इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करता है।
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पी हरीश ने आगे कहा कि भारत की तत्काल प्राथमिकताओं में मानवीय सहायता, क्षमता-विकास पहल और विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अब तक अफगानिस्तान के सभी प्रांतों में 500 से अधिक विकास परियोजनाओं को अमलीजामा पहना चुका है। इतना ही नहीं, भारत स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और खेल जैसे क्षेत्रों में भी संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उसकी ये कोशिशें अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण और वहां के लोगों के जीवन में सुधार की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
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भूकंप पीड़ितों के लिए भारत ने तुरंत भेजी मदद
पी हरीश ने अपने संबोधन में कहा कि हाल ही में अफगानिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप के बाद सबसे पहले मदद भेजने वाले देशों में भारत शामिल था। भारत ने तुरंत 1,000 फैमिली टेंट और 15 टन खाद्य सामग्री प्रभावित इलाकों में पहुंचाई। इसके अलावा 21 टन राहत सामग्री, जिसमें दवाइयां, स्वच्छता किट, कंबल और जनरेटर शामिल थे, भेजी गई। उन्होंने कहा कि भारत लगातार आपदा पीड़ितों की मदद कर रहा है। आने वाले दिनों में और भी राहत सामग्री भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगस्त 2021 से अब तक भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के लिए 50,000 टन गेहूं, 330 टन से अधिक दवाइयां और टीके, 40000 लीटर कीटनाशक और अन्य जरूरी सामग्री भेज चुका है।

नशा-मुक्ति और शिक्षा पर भी भारत का जोर
इस दौरान पी हरीश ने यह भी कहा कि भारत अफगानिस्तान में यूएनओडीसी के साथ मिलकर नशा-मुक्ति और शिक्षा खास तौर पर महिला शिक्षा के लिए भी काम कर रहा है। ऐसे कार्यक्रमों के लिए भारत ने 84 मीट्रिक टन सहायता और दवाइयां तथा 32 मीट्रिक टन सामाजिक सहयोग सामग्री उपलब्ध कराई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत ने बड़ा योगदान दिया है। 2023 से अब तक 2,000 अफगान छात्रों, जिनमें 600 से अधिक लड़कियां और महिलाएं शामिल हैं, को भारत में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति दी गई है।

आतंकवाद पर भारत का रुख किया साफ
इस दौरान यूएन में भारत के स्थायी राजदूत पी हरीश ने आतंकवाद पर भारत का रुख साफ किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह सुनिश्चित करे कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन जैसे आईएसआईएल, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद अपने नापाक इरादों के लिए न कर सकें। उन्होंने कहा कि इन संगठनों और उनके समर्थकों को रोकना बेहद जरूरी है।


उन्होंने यह भी बताया कि भारत के विदेश मंत्री ने दो बार अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री से बातचीत की है। भारत ने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की अफगानिस्तान द्वारा की गई कड़ी निंदा का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान की स्थिति सुधारने के लिए नई रणनीति अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि संघर्षरत परिस्थितियों में केवल दंडात्मक उपायों से वांछित परिणाम नहीं मिल सकते। सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करना और नकारात्मक गतिविधियों को हतोत्साहित करना साथ-साथ चलना चाहिए।  

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