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भारत इस कीमत पर नहीं चाहता शांति, चीन के दुस्साहस को यूं देखते हैं विदेशी विशेषज्ञ

Sat, 04 Jul 2020 08:07 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Sat, 04 Jul 2020 08:07 AM IST
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India China Standoff : No peace at the cost of regional sovereignty, foreign experts see Chinas audacity like this
India China Fingers Disputes - फोटो : ग्राफिक्स/रोहित झा/अमर उजाला

विशेषज्ञों के मुताबिक, पीएम मोदी ने न सिर्फ सीमापार चीन को, बल्कि दुनिया के अन्य देशों के साथ अंदरूनी राजनीति के मोर्चे पर भी सख्त संदेश दिया है।

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1- भारत ने स्पष्ट संदेश दिया..
भारत ने स्पष्ट संदेश दिया, वह क्षेत्रीय संप्रभुता की कीमत पर शांति नहीं चाहता है और न ही पीछे हटने वाला है। दरअसल, चीन की यह रणनीति रही है कि, वह एलएसी के पास नए इलाकों पर दावा जताता रहा है। बार-बार एलएसी पर यथास्थिति में बदलाव की कोशिश करता रहा है।

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2- चीन सेनाएं नहीं हटाता है तो..

चीन सेनाएं नहीं हटाता है तो भारत भी सेना और साजोसामान में बढ़ोतरी से पीछे नहीं हटेगा। पीएम का दौरा उस वक्त हुआ है, जब चीन चाहता है कि भारत सीमा से सेनाएं पीछे हटाए और सड़क, पुल समेत ढांचा निर्माण रोक दे। वहीं, भारत चाहता है कि चीन एलएसी पर सैन्य गतिविधियां रोके और पूर्व स्थिति बहाल करे।

3- भारत अकेला नहीं है..

भारत अकेला नहीं है। अमेरिका ने भी कहा है कि वह यूरोप से सेनाएं हटाकर चीन के पूर्वी मोर्चे पर तैनात करेगा। अमेरिका ने यह फैसला एलएसी पर भारत-चीन में तनाव को देखते हुए लिया है। चीन हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर में दबदबा कायम करना चाहता है और उसका इन इलाकों में कई देशों से विवाद हैं।

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4- इस वक्त चीन के खिलाफ दुनिया में...

इस वक्त चीन के खिलाफ दुनिया में आमराय बन रही है। पीएम का दौरा उस वक्त हुआ है, जब चीन ने दुनिया में कई मोर्चे एक साथ खोल रखे हैं। कोरोना के कारण चीन के खिलाफ वैसे ही पूरी दुनिया में आक्रोश है। उसने महामारी के बारे में सही समय पर न तो दुनिया को जानकारी दी और न ही सही आंकडे़ बताए। हांगकांग में दमनकारी कानून लागू करने के विरोध में अमेरिका ने कानून पारित कर चीन पर कई तरह की पाबंदी लगाई हैं। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने हांगकांग के निवासियों को अपने दरवाजे खोल दिए हैं।

5- पीएम के इस दौरे से देश के भीतर...

पीएम के इस दौरे से देश के भीतर भी साफ और सख्त संदेश गया है। चीन से सीमा विवाद को लेकर पीएम मोदी कांग्रेस के निशाने पर रहे हैं। हालांकि, बाकी विपक्षी पार्टियों ने सरकार का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी लगातार पीएम मोदी की आलोचना करते रहे हैं। ऐसे में दौरे से पीएम ने आलोचकों को भी करारा जवाब दिया है। 


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