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US: 'अमेरिका म्यांमार की मदद के लिए तैयार, लेकिन....', विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अमीर देशों से की ये अपील

Sat, 05 Apr 2025 07:39 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 05 Apr 2025 07:39 PM IST
सार

म्यांमार में मची तबाही के बीच भारत के साथ-साथ कई देश लगातार रूप से अपनी हर संभव मदद की प्रयास कर रहे है। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि हम म्यांमार की मदद के लिए तैयार है लेकिन अन्य अमीर देशों को भी आगे आकर मदद करना चाहिए...

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India, China rich countries, everyone should pitch in during crisis like Myanmar quake: US Secretary of State
मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

28 मार्च को म्यांमार में आए भूकंप ने देशभर में तबाही मचा दी। इस घटना में तीन हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई। वहीं इससे कही ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। इसी बीच म्यांमार में मची इस तबाही को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के प्रभावितों की मदद जारी रखने के लिए तैयार है, लेकिन दुनिया में कई अन्य अमीर देश हैं, जैसे चीन और भारत, जो मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी तरफ से मदद करेगा, लेकिन अन्य देशों को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

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रूबियो ने अमीर देशों से की अपील
रूबियो ने अन्य समृद्ध देशों से मदद की अपील की। साथ ही उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका अन्य देशों से यह उम्मीद करता है कि वे भी मानवीय सहायता में योगदान दें, क्योंकि अमेरिका के पास अपनी कई अन्य प्राथमिकताएं भी हैं जिन्हें संतुलित करना जरूरी है। साथ ही रुबियो ने यह भी बताया कि म्यांमार में सैन्य शासन होने के कारण अमेरिका को वहां मदद पहुंचाने में कुछ कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि म्यांमार को मदद पहुंचाना हमारे लिए आसान नहीं है, क्योंकि वहां का सैन्य शासन हमें जिस तरह से काम करना चाहते हैं, वैसा करने की अनुमति नहीं देता। इससे हमारी मदद करने की प्रक्रिया में बाधा आती है।
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मदद की बात पर रूबियो का स्पष्टिकरण
इसके साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका मानवीय संकटों में मदद करना जारी रखेगा, लेकिन यह उचित नहीं है कि अमेरिका अकेले पूरी दुनिया में मानवीय सहायता का 60-70 प्रतिशत बोझ उठाए। उनका कहना था कि अन्य देशों को भी इसमें योगदान देना चाहिए और अमेरिका अपनी अन्य राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संतुलन बनाए रखेगा।

भारत ने सबसे पहले की थी मदद
गौरतलब है कि म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारत ने सबसे पहले प्रतिक्रिया देते हुए राहत समाग्री भेजी थी। भारत ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जरिए म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी, जिसमें टेंट, कंबल, दवाइयां और भोजन शामिल थे। इसके अलावा, भारत ने वायुसेना के दो सी-130जे विमान भेजे, जिनमें बचाव उपकरण और राहत सामग्री थी।

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मदद के लिए भारत ने चलाया था ऑपरेशन ब्रह्मा

इतना ही नहीं भारत का ऑपरेशन ब्रह्मा नामक मिशन म्यांमार के लिए राहत प्रदान करने का एक समग्र प्रयास है। इसके तहत भारतीय नौसेना के जहाजों ने भी म्यांमार के लिए मानवीय सहायता भेजी। 31 मार्च तक, भारत ने म्यांमार को 442 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री भेजी, जिसमें चावल, खाना पकाने का तेल और बिस्कुट जैसे जरूरी सामान थे।

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