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India-China Relations: चीन और भारत की बीच जल्द शुरू हो सकती हैं सीधी उड़ान, नई दिल्ली से बीजिंग ने किया संपर्क
Thu, 14 Aug 2025 08:40 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 14 Aug 2025 08:40 PM IST
सार
India-China Relations: चीन भारत के साथ सीधी उड़ानों को शुरू करने के प्रयास के तहत बातचीत करने में जुट गया है। इसे लेकर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा- बीजिंग भारत के साथ सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने के लिए लगातार संपर्क में है।
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लिन जियान, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
- फोटो : ANI
विस्तार
चीन ने गुरुवार को कहा कि वह भारत के साथ सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने के लिए लगातार संपर्क में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों देशों के बीच हवाई सेवा लगभग पांच साल बाद फिर से शुरू हो सकती है और इसका औपचारिक एलान 31 अगस्त से 1 सितंबर को तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन के दौरान हो सकता है।
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चीनी विदेश मंत्रालय का बयान
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बताया, 'कुछ समय से चीन और भारत सीधी उड़ानों की जल्द बहाली के लिए बातचीत कर रहे हैं।' वहीं भारतीय वाणिज्य दूतावास, शंघाई के कॉनसुल जनरल प्रतीक माथुर ने गुरुवार को चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और नागरिक उड्डयन तथा पर्यटन क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। बता दें कि कोविड-19 महामारी और लद्दाख में सीमा विवाद के बाद 2020 में भारत-चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं बंद हो गई थीं। इससे पहले चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस और एयर चाइना दिल्ली समेत कई भारतीय शहरों के लिए रोजाना उड़ानें चलाती थीं।
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सीधी उड़ानों से दोनों देशों को लाभ
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सीधी उड़ानों की बहाली से दोनों देशों के 2.8 अरब से अधिक लोगों के बीच यात्रा, आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। भारत और चीन के बीच पिछले चार साल से ठप पड़ी बातचीत अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इसी कड़ी में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के 18 अगस्त को भारत आने और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता करने की संभावना है।
यह भी पढ़ें - North Korea: किम जोंग उन की बहन ने खारिज किया दक्षिण कोरिया का दावा, कहा- सीमा से नहीं हटाए जा रहे लाउडस्पीकर
लिन जियान ने आगे कहा, 'ड्रैगन और हाथी की साझेदारी, एक-दूसरे की सफलता में मददगार बनना, दोनों देशों के लिए सही रास्ता है। हम भारत के साथ राजनीतिक भरोसा बढ़ाने, व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने, मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने और बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।'
अगले हफ्ते भारत आएंगे चीनी विदेश मंत्री
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अप्रत्याशित रुख के बीच भारत और चीन अपने संबंधों में सुधार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में चीन के विदेश मंत्री वांग यी अगले सप्ताह भारत दौरे पर आएंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सीमा विवाद पर चर्चा करेंगे। यह 2020 में दोनों ओर के सैनिकों के बीच गलवां घाटी में हुई झड़प के बाद दूसरी उच्चस्तरीय मुलाकात होगी।
एससीओ समिट में शामिल होंगे पीएम मोदी
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के आखिर में चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी का यह सात साल में पहला चीन दौरा होगा। पिछले साल अक्तूबर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पेट्रोलिंग समझौते के बाद सीमा तनाव में कमी आई है, जिसकी वजह से व्यापार, निवेश और हवाई सेवाओं पर पड़े असर को कम करने का रास्ता खुला।
भारत और चीन ने 2020 से बंद सीधी उड़ानों को फिर शुरू करने पर सहमति जताई है और तीन रास्तों (हिमालयी दर्रों) के जरिए सीमा व्यापार बहाल करने पर चर्चा कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम सभी निर्धारित व्यापार बिंदुओं से सीमा व्यापार बहाली के लिए चीन के साथ जुड़े हुए हैं। चीन ने भी इसे सीमा पर रहने वाले लोगों के जीवन सुधारने और दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए अहम बताया है।
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चीनी विदेश मंत्रालय का बयान
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बताया, 'कुछ समय से चीन और भारत सीधी उड़ानों की जल्द बहाली के लिए बातचीत कर रहे हैं।' वहीं भारतीय वाणिज्य दूतावास, शंघाई के कॉनसुल जनरल प्रतीक माथुर ने गुरुवार को चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और नागरिक उड्डयन तथा पर्यटन क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। बता दें कि कोविड-19 महामारी और लद्दाख में सीमा विवाद के बाद 2020 में भारत-चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं बंद हो गई थीं। इससे पहले चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस और एयर चाइना दिल्ली समेत कई भारतीय शहरों के लिए रोजाना उड़ानें चलाती थीं।
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सीधी उड़ानों से दोनों देशों को लाभ
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सीधी उड़ानों की बहाली से दोनों देशों के 2.8 अरब से अधिक लोगों के बीच यात्रा, आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। भारत और चीन के बीच पिछले चार साल से ठप पड़ी बातचीत अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इसी कड़ी में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के 18 अगस्त को भारत आने और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता करने की संभावना है।
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लिन जियान ने आगे कहा, 'ड्रैगन और हाथी की साझेदारी, एक-दूसरे की सफलता में मददगार बनना, दोनों देशों के लिए सही रास्ता है। हम भारत के साथ राजनीतिक भरोसा बढ़ाने, व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने, मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने और बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।'
अगले हफ्ते भारत आएंगे चीनी विदेश मंत्री
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अप्रत्याशित रुख के बीच भारत और चीन अपने संबंधों में सुधार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में चीन के विदेश मंत्री वांग यी अगले सप्ताह भारत दौरे पर आएंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सीमा विवाद पर चर्चा करेंगे। यह 2020 में दोनों ओर के सैनिकों के बीच गलवां घाटी में हुई झड़प के बाद दूसरी उच्चस्तरीय मुलाकात होगी।
एससीओ समिट में शामिल होंगे पीएम मोदी
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के आखिर में चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी का यह सात साल में पहला चीन दौरा होगा। पिछले साल अक्तूबर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पेट्रोलिंग समझौते के बाद सीमा तनाव में कमी आई है, जिसकी वजह से व्यापार, निवेश और हवाई सेवाओं पर पड़े असर को कम करने का रास्ता खुला।
भारत और चीन ने 2020 से बंद सीधी उड़ानों को फिर शुरू करने पर सहमति जताई है और तीन रास्तों (हिमालयी दर्रों) के जरिए सीमा व्यापार बहाल करने पर चर्चा कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम सभी निर्धारित व्यापार बिंदुओं से सीमा व्यापार बहाली के लिए चीन के साथ जुड़े हुए हैं। चीन ने भी इसे सीमा पर रहने वाले लोगों के जीवन सुधारने और दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए अहम बताया है।