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बासमती चावल के उत्पादन के एकाधिकार को लेकर भारत और पाकिस्तान आमने सामने
Wed, 07 Oct 2020 01:38 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 07 Oct 2020 01:38 AM IST
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भारत पाकिस्तान
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अब भारत और पाकिस्तान के बीच बासमती चावल को लेकर भी तनातनी शुरू हो गई है। पाकिस्तान सरकार को ये चिंता सता रही है कि कहीं भारत को बासमती चावल के उत्पादन का एकाधिकार न मिल जाए और कहीं यूरोपियन यूनियन (ईयू) भारत को बासमती चावल को जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन टैग) मान्यता न दे दे। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके देश में भी बासमती चावल की फसल खूब होती है और भारत का ये दावा गलत है कि वही बासमती चावल का इकलौता उत्पादक है।
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बासमती चावल को अपना बताने पर भारत-पाकिस्तान आमने सामने
पाकिस्तान ने तय किया है कि वह भारत के दावे के खिलाफ यूरोपियन यूनियन में विरोध दर्ज कराएगा और बताएगा कि पाकिस्तान में भी अच्छी क्वालिटी का बासमती चावल का खासा उत्पादन होता है और वह इसका निर्यात भी करता है। इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री के वाणिज्य सलाहकार रज्जाक दाऊद की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में वाणिज्य सचिव, बौद्धिक संपदा संगठन के अध्यक्ष और पाकिस्तान चावल निर्यातक संघ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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बैठक के बाद एक बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान बासमती चावल उत्पादन करने वाला एक प्रमुख देश है और भारत का ये दावा बेबुनियाद और गलत है कि वही इकलौता ऐसा देश है। रज़ाक दाउद ने कहा है कि उनकी कोशिश है कि ईयू में भारत के इस दावे को गलत साबित करते हुए ये सुनिश्चित करेगा कि भारत को बासमती चावल का जीआई टैग न मिल सके।
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