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Hindi News ›   World ›   India and Nepal to finalise detailed project report of Pancheshwar Multipurpose power plant

India-Nepal: पंचेश्वर बिजली संयंत्र परियोजना की डीपीआर को अंतिम रूप देंगे भारत-नेपाल, 6480 मेगावाट है क्षमता

Sat, 08 Jul 2023 05:55 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 08 Jul 2023 05:55 PM IST
सार

नेपाल और भारत सीमावर्ती महाकाली नदी पर प्रस्तावित 6,480 मेगावाट क्षमता की पंचेश्वर बिजली परियोजना से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों की बैठक करने पर सहमत हो गए हैं। 

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India and Nepal to finalise detailed project report of Pancheshwar Multipurpose power plant
भारत-नेपाल - फोटो : iStock

विस्तार

नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड ने हाल ही में भारत का दौरा किया था जिसके बाद उन्होंने पीएम मोदी से मिले समर्थन की सराहना की थी। प्रचंड से पहले भारत और नेपाल के बीच कई मुद्दों पर मतभेद भी सामने आए थे। लेकिन अब नेपाल और भारत सीमावर्ती महाकाली नदी पर प्रस्तावित 6,480 मेगावाट क्षमता की पंचेश्वर बिजली परियोजना से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों की बैठक करने पर सहमत हो गए हैं। 

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एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के पोखरा में गुरुवार और शुक्रवार को आयोजित पंचेश्वर विकास प्राधिकरण की शासकीय परिषद की बैठक के दौरान इस पर सहमति बनी। नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय के प्रवक्ता मधु भेटुवाल के हवाले से कहा गया कि इस बैठक में विशेषज्ञों के दल का मार्च में समाप्त हो चुका कार्यकाल आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। 
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उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) पर मतभेदों को दूर करने और डीपीआर को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए 10 दिनों के भीतर विशेषज्ञों की टीम की अगली बैठक आयोजित करने पर भी सहमत हुए। पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना (पीएमपी) नेपाल और भारत की सीमा पर स्थित महाकाली नदी पर विकसित की जाने वाली एक द्वि-राष्ट्रीय जलविद्युत परियोजना है। 
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परियोजना का विकास 1996 में नेपाल और भारत के बीच हस्ताक्षरित एकीकृत महाकाली संधि के अंतर्गत होना है। इसमें भारत और नेपाल में महाकाली नदी के दोनों छोर पर 3,240 मेगावाट के भूमिगत बिजलीघरों का निर्माण किया जाएगा। बिजली पैदा करने के अलावा, यह परियोजना बाढ़ सुरक्षा सहित अन्य आकस्मिक लाभों के साथ नेपाल में 130,000 हेक्टेयर भूमि और भारत में 240,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।


कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के कारण पंचेश्वर परियोजना की पारस्परिक रूप से स्वीकार्य डीपीआर को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था। नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय में संयुक्त सचिव भेटुवाल ने कहा कि इस संबंध में 500 से ज्यादा अनसुलझे मुद्दे थे जो अब घटकर 127 रह गए हैं।

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