{"_id":"661e86230d53ce86900fc4a4","slug":"india-again-calls-expansion-in-unsc-membership-for-permanent-and-non-permanent-membership-2024-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"UN: भारत ने फिर उठाई सुरक्षा परिषद में विस्तार की मांग, कहा- तभी सही मायने में संशोधन होगा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UN: भारत ने फिर उठाई सुरक्षा परिषद में विस्तार की मांग, कहा- तभी सही मायने में संशोधन होगा
Tue, 16 Apr 2024 07:39 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 16 Apr 2024 07:39 PM IST
सार
कंबोज ने कहा कि 'संक्षेप में कहें तो हमें एक संशोधित सुरक्षा परिषद की जरूरत है, जो आज के संयुक्त राष्ट्र की भौगोलिक और विकासात्मक विविधता को बेहतर ढंग से पेश करे। एक ऐसी सुरक्षा परिषद, जहां लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, एशिया प्रशांत के देशों को उचित स्थान मिलता हो।'
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज
- फोटो : एक्स/रुचिरा कंबोज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विस्तार की मांग उठाई है। भारत का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विस्तार से ही सही मायनों में इसमें संशोधन हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने सोमवार को सुरक्षा परिषद में संशोधन के लिए अंतर सरकारी समझौते के छठे राउंड की बैठक में हिस्सा लिया। इसी दौरान रुचिरा कंबोज ने सुरक्षा परिषद में विस्तार की मांग उठाई।
भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कही ये बात
रुचिरा कंबोज ने कहा कि 'भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी दोनों सदस्यता में विस्तार के पक्ष में रहा है। यही एकमात्र विकल्प है, जिससे हम सुरक्षा परिषद में संशोधन कर इसे ज्यादा प्रभावी बना सकते हैं और प्रतिनिधित्व दे सकते हैं।' कंबोज ने कहा कि 'संक्षेप में कहें तो हमें एक संशोधित सुरक्षा परिषद की जरूरत है, जो आज के संयुक्त राष्ट्र की भौगोलिक और विकासात्मक विविधता को बेहतर ढंग से पेश करे। एक ऐसी सुरक्षा परिषद, जहां लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, एशिया प्रशांत के देशों को उचित स्थान मिलता हो।'
दुनिया के अधिकतर देश विस्तार के समर्थन में
भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि सुरक्षा परिषद में यह विस्तार दोनों स्थायी और अस्थायी कैटेगरी में होना चाहिए। अभी संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और रूस शामिल हैं। वहीं 10 देश अस्थायी सदस्य हैं। कंबोज ने कहा कि 2015 के फ्रेमवर्क दस्तावेज के अनुसार, 122 सदस्यों देशों ने, जिन्होंने अपनी पोजिशन बताई थी, उनमें से 113 ने सुरक्षा परिषद में विस्तार का समर्थन किया था। इस तरह 90 फीसदी देशों ने इसका समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया पर भी अपने स्टैंड की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कही ये बात
रुचिरा कंबोज ने कहा कि 'भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी दोनों सदस्यता में विस्तार के पक्ष में रहा है। यही एकमात्र विकल्प है, जिससे हम सुरक्षा परिषद में संशोधन कर इसे ज्यादा प्रभावी बना सकते हैं और प्रतिनिधित्व दे सकते हैं।' कंबोज ने कहा कि 'संक्षेप में कहें तो हमें एक संशोधित सुरक्षा परिषद की जरूरत है, जो आज के संयुक्त राष्ट्र की भौगोलिक और विकासात्मक विविधता को बेहतर ढंग से पेश करे। एक ऐसी सुरक्षा परिषद, जहां लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, एशिया प्रशांत के देशों को उचित स्थान मिलता हो।'
विज्ञापन
दुनिया के अधिकतर देश विस्तार के समर्थन में
भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि सुरक्षा परिषद में यह विस्तार दोनों स्थायी और अस्थायी कैटेगरी में होना चाहिए। अभी संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और रूस शामिल हैं। वहीं 10 देश अस्थायी सदस्य हैं। कंबोज ने कहा कि 2015 के फ्रेमवर्क दस्तावेज के अनुसार, 122 सदस्यों देशों ने, जिन्होंने अपनी पोजिशन बताई थी, उनमें से 113 ने सुरक्षा परिषद में विस्तार का समर्थन किया था। इस तरह 90 फीसदी देशों ने इसका समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया पर भी अपने स्टैंड की जानकारी दी।
विज्ञापन